'वन नेशन-वन इलेक्शन' के तहत होंगे 2029 के लोकसभा चुनाव? संसद की संयुक्त समिति ने दिए संकेत
संसद की संयुक्त समिति 2029 के आम चुनाव तक 'एक देश, एक चुनाव' सुधार को पूरी तरह लागू करने पर ...और पढ़ें

समिति ने गोवा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा की

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, पणजी। संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष ने शुक्रवार को कहा कि एक साथ चुनाव कराने संबंधी विधेयकों की समीक्षा कर रही समिति एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रही है, जिससे "एक देश, एक चुनाव" सुधार को 2029 के आम चुनाव तक पूरी तरह लागू किया जा सके।
गोवा में समिति की दो दिवसीय बैठक से इतर पीपी चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि अब तक जिन सिविल सोसाइटी के हितधारकों से परामर्श किया गया है, उनमें से लगभग 99 प्रतिशत ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य बार-बार होने वाले चुनावों के कारण होने वाले अनुमानित सात लाख करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान को रोकना है।
गोवा में हुई चर्चा
समिति ने गोवा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा की। इसकी शुरुआत गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बातचीत से हुई, जिसमें एक साथ चुनाव कराने में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के तौर-तरीकों पर उनकी राय मांगी गई।
समिति के अध्यक्ष चौधरी ने बताया कि समिति ने गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों का दौरा किया है, जहां उसने संवैधानिक विशेषज्ञों, सिविल सोसाइटी, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत की।
2029 में लागू होने के संकेत
राजस्थान के पाली से भाजपा सांसद ने कहा कि करीब 99 प्रतिशत हितधारक एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में हैं। अब कोशिश ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसे सभी राजनीतिक दल स्वीकार करें। इसे लागू करने की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि समिति कई विकल्पों पर विचार कर रही है।
इससे संकेत मिलता है कि 2029 में होने वाले आम चुनाव तक यह सुधार लागू हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर राजनीतिक दल और मुख्यमंत्री अपनी चुनावी प्रक्रिया के समय को एक साथ करने पर स्वेच्छा से सहमत हो जाते हैं तो उससे पहले भी कुछ राज्यों को इस व्यवस्था के तहत लाने की संभावना है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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