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'एक देश एक चुनाव से बचेंगे सात लाख करोड़ रुपये', जेपीसी के अध्यक्ष पीपी चौधरी का दावा

Published: Wed, 20 May 2026 10:59 PM (IST)

संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने दावा किया है कि 'एक देश एक चुनाव' से सात लाख करोड़ ...और पढ़ें

संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी

संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी 

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। 'एक देश एक चुनाव' पर विचार के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने दावा किया है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से सात लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।

इससे देश की जीडीपी में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इस धन का उपयोग बुनियादी ढांचे, गरीबों का कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने बुधवार को गांधीनगर में संयुक्त संसदीय समिति से मुलाकात की और 'एक देश एक चुनाव' का समर्थन किया।

प्रेट्र के अनुसार, संसदीय समिति ने मंगलवार को गुजरात के मुख्य सचिव एमके दास, विभिन्न विभागों के सचिवों और सत्तारूढ़ भाजपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद पीपी चौधरी ने पत्रकारों को बताया था कि राज्य सरकार के अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुति दी।

इसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला गया, जिन पर पहले विचार नहीं किया गया था। हमने उन्हें एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। गांधीनगर से जागरण संवाददाता के अनुसार, चौधरी ने बताया कि आम चुनाव व विधानसभा चुनाव बार-बार होने से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

मंत्रियों और अधिकारियों को चुनावी काम में जाना पड़ता है। इससे जनहित से जुड़े काम भी अटक जाते हैं। उत्तराखंड सरकार ने समिति के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि उनके राज्य का 43 प्रतिशत राजस्व पर्यटन से आता है। चुनावी वर्ष में पर्यटन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। संयुक्त संसदीय समिति गुजरात आने से पहले महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक का दौरा कर चुकी है।

दो प्रस्तावित कानूनों की जांच कर रही समिति

भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता में 41 सदस्यीय संसदीय समिति एक साथ चुनाव से संबंधित दो प्रस्तावित कानूनों-संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही है। चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ²ष्टिकोण यह है कि चुनाव सुधारों से राष्ट्र को लाभ होना चाहिए।

एक साथ चुनाव से कोई संवैधानिक समस्या नहीं

पीपी चौधरी ने कहा कि वह एक साथ चुनाव कराने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। देश के छह पूर्व प्रधान न्यायाधीशों ने समिति को बताया कि इससे संघीय संरचना, मूल संरचना या मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है। इससे कोई संवैधानिक समस्या उत्पन्न नहीं होगी। विधि आयोग और नीति आयोग ने भी एक साथ चुनाव की वकालत की है, जबकि संसद की स्थायी समिति ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।

गुजरात सरकार का समर्थन, विरोध में कांग्रेस

संयुक्त संसदीय समिति से मुलाकात के बाद गुजरात सरकार ने जहां एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया है, वहीं विपक्षी कांग्रेस ने इसे सत्ता के केंद्रीकरण का छिपा हुआ एजेंडा बताया। उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि गुजरात सरकार प्रस्तावित कानून का पूर्ण समर्थन करती है। यह राष्ट्र हित में है।

गुजरात ने इस वर्ष नगर निगम, नगरपालिका, जिला पंचायत और तालुका पंचायत का चुनाव एक साथ कराकर इस दिशा में पहले ही कदम बढ़ा दिया है। दूसरी तरफ, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि हम एक देश एक चुनाव का कड़ा विरोध करते हैं। यह प्रस्ताव संवैधानिक भावना और देश के संघीय ढांचे के खिलाफ है।