नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव से पत्रकार अर्णब गोस्वामी की याचिका पर जवाब मांगा है। अर्णब ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में जारी न्यूज रिपोर्ट पर उन्हें विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव से एक हफ्ते में जवाब मांगा है। 

अर्णब गोस्वामी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी

सुशांत की मौत के मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी करने पर पत्रकार और एंकर अर्णब गोस्वामी के खिलाफ 60 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा कि गोस्वामी ने विधानसभा की किसी भी समिति या विधानसभा की कार्यवाही में कोई दखलंदाजी नहीं की है। 

जस्टिस एएस बोपन्ना और वी.रामा सुब्रह्मण्यन की पीठ ने कहा कि इस मामले में केवल विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया है। इस संबंध में विधानसभा में कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है। साल्वे ने कहा कि भला विशेषाधिकार कमेटी ने कब सदन में यह फैसला लिया। इस मामले में अवमानना की शिकायत भले ही की जा सकती हो लेकिन विधानसभा की कार्यवाही को प्रभावित करने का इसमें कोई जिक्र नहीं है।

महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में पत्रकार अर्नब गोस्वामी व अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव स्वीकार किया गया है। यदि सदन में ये प्रस्ताव पास हुए तो दोनों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पत्रकार अर्नब गोस्वामी एक निजी चैनल के प्रबंध निदेशक व प्रधान संपादक हैं। वह अप्रैल में मुंबई के पड़ोसी जिले पालघर में हुई दो साधुओं की निर्मम हत्या और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस पर लगातार तीखे हमले करते आ रहे हैं।

 

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