नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को संसद पुस्तकालय भवन में 'विभाजन की विभीषिका' विषय पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी सहित कई अन्य अतिथि मौजूद रहे।

आपको मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल घोषणा की थी कि 1947 में विभाजन के दौरान भारतीयों के कष्टों और बलिदानों की राष्ट्र को याद दिलाने के लिए 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आह्वान करते हुए कहा था कि 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली और साथ ही मिला बंटवारे का ऐसा दर्द, जिसने देश की आत्मा को लहुलूहान कर दिया। यह दुनिया की सबसे बड़ी मानव त्रासदियों में से एक है। लाखों परिवारों का जीवन अंधेरे में डूब गया। उन्हें जीवन की ऐसी यात्रा तय करना पड़ी, जिसकी कोई मंजिल नहीं थी। उन्होंने आगे कहा था, 'इन परिवारों ने भी स्वतंत्रता का मूल्य चुकाया। उनकी त्रासदी को हम याद कर सकें, वर्तमान पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी उनके बलिदानों और पीड़ा से परिचित हो सके, स्वतंत्रता में उनकी आहुति की कीमत को समझ सके, इसीलिए यह दिन मनाया जाना चाहिए।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि संस्कृति मंत्रालय विभाजन की त्रासदी की याद में पूरे भारत में विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन कर रहा है और इसने संसद भवन परिसर में प्रदर्शनी लगाई गई है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में फोटो प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

इसी कड़ी में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से संसद भवन में एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिड़ला ने किया।

प्रदर्शनी में विभाजन की विभीषिका से सम्बंधित कुल 75 छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इन छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन की त्रासदी को मर्मस्पर्शी तरीके से दिखाया गया है। इन चित्रों को देख कर विभाजन की विभीषिका के दृश्य आंखों को सामने उपस्थित हो जाते हैं और मन को उद्वेलित करते हैं। वास्तव में यह प्रदर्शनी उस विभीषिका के दर्द से गुजरने वाले लोगों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि है।

Edited By: Ashisha Singh Rajput