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उत्तराखंड से हिमाचल तक बर्फबारी, तो जम्मू-पंजाब में बारिश का कहर; अक्टूबर में बिगड़ा मौसम का मिजाज

Published: Sun, 11 Oct 2026 11:26 PM (IST)

देशभर में मौसम का मिजाज बदला, उत्तराखंड-हिमाचल में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज बारिश हुई। जम्मू में 71 साल ...और पढ़ें

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बिगड़ा मौसम (फोटो-PTI)

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बिगड़ा मौसम (फोटो-PTI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक रविवार को मौसम का मिजाज बदलता नजर आया। उत्तराखंड, हिमाचल में ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फबारी हुई तो मैदानी इलाकों में कई जगह तेज हवाओं के बीच वर्षा हुई।

जम्मू में पहले नवरात्र पर सुबह दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने अक्टूबर महीने का ऑलटाइम रिकार्ड तोड़ दिया। जम्मू में 71 वर्षों बाद दो घंटे में ही 185.6 मिलीमीटर पानी बरसने से भारी नुकसान हुआ। बारिश के दौरान जम्मू के रायपुर बन तालाब क्षेत्र में उफनते नाले में पति को बचाने के लिए आगे बढ़ी महिला पानी के तेज बहाव में बह गई।

हिमाचल में शिंकुला दर्रे में हिमपात के बीच करीब 100 पर्यटक फंस गए। बचाव दल ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। राष्ट्रीय राजधानी में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब वर्षा हुई है, जबकि उत्तरी राजस्थान में ओले पड़े हैं। वहीं, पंजाब में पठानकोट में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए।

उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों में चारों धामों सहित ऊंचाई वाले इलाकों में झमाझम वर्षा हुई। केदारनाथ, बदरीनाथ धाम व हेमकुंड साहिब से लगी ऊंची चोटियों पर बर्फबारी भी हुई। वर्षा के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में ठंड में बढ़ गई। हालांकि, चारधाम यात्रा सुचारू है। आदि कैलास यात्रा मार्ग, ओम पर्वत पर भी बर्फ की चादर बिछ गई।

हिमाचल में रोहतांग, बारालाचा व शिंकुला सहित ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ। कांगड़ा, मंडी, शिमला व कुल्लू जिलों में बारिश हुई। हिमपात व वर्षा से तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। शिंकुला दर्रे में फंसे सभी पर्यटकों और उनके वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

जम्मू में बही महिला की रात तक तलाश की जा रही थी। शहर के कई निचले इलाकों में भारी जलभराव से बाढ़ जैसे हालात रहे। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ लोगों के घरों में पानी घुस गया। तेज बारिश से पंजतीर्थी-सिद्धड़ा मार्ग पर पहाड़ से मलबा गिरने के कारण पांच वाहन फंस गए, जिन्हें सकुशल निकाला गया। यहां बारिश से बासमती, मक्की आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। बादलों के छाए रहने से कटड़ा-सांझीछत हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित हुई।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं छिटपुट बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

पंजाब में रविवार को राज्यभर में जोरदार वर्षा हुई। 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के बीच कई जिलों में बादल बरसे। वर्षा के कारण मंडियों में धान की फसल भीग गई। हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रविवार को हिसार समेत 10 जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। कैथल और कुरुक्षेत्र में छिटपुट ओलावृष्टि भी हुई। इससे तापमान में गिरावट आई और सुबह-शाम ठंडक बढ़ने लगी।