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1 अक्टूबर से महंगे हो जाएंगे AC, फ्रिज, TV और वॉशिंग मशीन; कितनी बढ़ेंगी कीमतें?

Published: Sun, 27 Sep 2026 08:20 PM (IST)

1 अक्टूबर से एसी, फ्रिज, टीवी और वाशिंग मशीन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद 5-8% महंगे हो जाएंगे।

1 अक्टूबर से एसी, फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन होंगे महंगे (AI जेनेरेटेड)

1 अक्टूबर से एसी, फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन होंगे महंगे (AI जेनेरेटेड)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक अक्टूबर से एसी, फ्रिज, टीवी और वाशिंग मशीन सहित दूसरे उत्पाद महंगे हो जाएंगे। कापर, स्टील और दूसरे उत्पादों की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते मुद्रा में उतार-चढ़ाव से कंपनियां इन उत्पादों की कीमतें पांच से आठ प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही हैं।

कैलेंडर वर्ष 2026 में यह तीसरी बार है जब कंपनियां कीमतें बढ़ाने जा रही हैं। कंपनियां एयर-कंडीशनरकी कीमतें पांच से आठ प्रतिशत बढ़ाने वाली हैं जबकि अन्य कंपनियों ने वाशिंग मशीन, रेफ्रिजेटर और एलईडी की कीमतों में 3-4 प्रतिशत वृद्धि करने का फैसला किया है।

हालांकि, कुछ कंपनियों को डर है कि इस वृद्धि से त्योहारों की मांग पर असर पड़ सकता है, वहीं कुछ अन्य कंपनियों का मानना है कि कीमतों में वृद्धि का असर बिक्री पर बहुत मामूली होगा, क्योंकि डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटरों ने अगस्त और सितंबर में पहले से बुकिंग के जरिये पुरानी कीमतों पर खरीदी गई इन्वेंट्री पहले ही स्टाक कर ली है।

किन ब्रांड्स के बढ़ेंगे दाम?

ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने पहले ही अलग-अलग श्रेणी में चार से दस प्रतिशत तक कीमतों में वृद्धि का एलान कर दिया है। हालांकि, पैनासोनिक ने कहा है कि वह किसी भी बढ़ोतरी पर फैसला करने से पहले सभी स्थितियों का मूल्यांकन कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, एलजी और बाश होम कंफर्ट (इसके पास हिताची ब्रांडेड एयर कंडीशनर का मालिकाना हक है) ने भी एसी की कीमतों में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दी है।

कितनी बढ़ेगी कीमतें?

तीन से चार किलो कापर की जरूरत होती है एक एयर कंडीशनर में हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश ने कहा कि कापर की कीमतें पिछले साल 8,000-9,000 डालर प्रति मीट्रिक टन थीं, लेकिन अब यह 14,500 डालर मीट्रिक टन तक पहुंच गई हैं और इनके बढ़ते रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि एक एयर-कंडीशनर के लिए तीन से चार किलो कापर की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इनपुट लागत इसी तरह बढ़ती रही तो दिवाली के बाद और जनवरी में फिर से कीमतें बढ़ सकती हैं।

कमोडिटी की कीमतों में 8-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद इंडस्ट्री में कीमतों में बढ़ोतरी का एक और दौर जरूरी हो गया है। समय अलग-अलग ब्रांड के हिसाब से अलग हो सकता है।

कुछ इसे अक्टूबर से लागू करेंगे और कुछ नवंबर से, लेकिन यह जरूरी है। ग्राहक के पास त्योहारी सीजन के दौरान मौजूदा कीमतों पर उत्पाद खरीदने का मौका रहेगा क्योंकि वृद्धि से पहले खरीदा गया स्टाक डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में उपलब्ध रहेगा। -कमल नंदी, अल्लायंसेज बिजनेस के प्रमुख, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप

क्यों बढ़ रही है कीमत?

युद्ध के कारण सभी कमोडिटी की कीमतें बढ़ रही हैं। कापर, स्टील और प्लास्टिक सभी महंगे हो गए हैं। इस साल कंपनी द्वारा की गई यह तीसरी कीमत बढ़ोतरी है।

पिछले साल के फेस्टिव सीजन से कीमतों की तुलना करें तो लागत 15 प्रतिशत बढ़ गई है, लेकिन अब ग्राहक को लगभग 10 प्रतिशत का जीएसटी लाभ मिल रहा है, जिससे खरीदारों पर कुल असर लगभग पांच प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा होगा।-बी. त्यागराजन, प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार

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