जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। परीक्षा केंद्रों के लगातार रद होने और तकनीकी कारणों से परीक्षा न करा पाने के चलते विवादों में घिरी संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) में आवेदन करने वाले ऐसे सभी छात्रों की परीक्षा अब छठवें चरण में कराई जाएगी, जिनकी पूर्व में प्रस्तावित परीक्षाएं तकनीकी या फिर केंद्रों के रद हो जाने से नहीं हो पायी थी। जिसका आयोजन 24 से 30 अगस्त के बीच होगा। अब तक करीब 2.86 लाख छात्रों के इस चरण में शामिल होने का अनुमान है।

हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने किन्हीं अन्य कारणों के चलते भी परीक्षा न दे पाने वाले छात्रों से सही कारणों के साथ अपनी समस्या से अवगत कराने को कहा है। साथ ही कहा है कि यदि उनके कारण वाजिब होंगे तो उन्हें भी छठवें चरण में मौका दिया जाएगा।

एनटीए ने सीयूईटी को लेकर यह फैसला तब लिया है जब परीक्षा अपने अंतिम पड़ाव की ओर है। वैसे भी इस परीक्षा के चार चरण संपन्न हो चुके है, अब सिर्फ दो चरणों की ही परीक्षा होनी है। इनमें पांचवें चरण की परीक्षा 21, 22 और 23 अगस्त को होनी है। वहीं छूटे छात्रों के लिए आयोजित छठवें चरण की परीक्षा 24, 25, 26 और 30 अगस्त को होगी।

एनटीए के मुताबिक 30 अगस्त को परीक्षा खत्म होने बाद इसके रिजल्ट को भी जल्द ही घोषित करने की तैयारी है। ज्यादा संभव है कि यह 20 सितंबर तक घोषित हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो इसके रिजल्ट को जल्द घोषित करने को लेकर एनटीए पर वैसे भी विश्वविद्यालयों का भारी दबाव है। क्योंकि रिजल्ट में देरी होने से उनके शैक्षणिक सत्र में और विलंब होने का खतरा है। जो कोरोना संकट के चलते पहले से ही काफी लड़खड़ाया हुआ है।

जिसे विश्वविद्यालय पटरी पर लाने की तैयारी में है। वहीं अभिभावकों और छात्रों का भी काफी दबाव है, क्योंकि इसके दाखिले की प्रक्रिया में देरी होने पर उनके दूसरे विकल्प बंद हो जाएंगे, जो इन संस्थानों में दाखिला न मिलने पर उनकी प्राथमिकता में है। इनमें विदेशों में पढ़ाई करने जैसे विकल्प भी शामिल है।

खासबात यह है कि सीयूईटी के जरिए छात्रों को इस बार सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित देश के करीब 90 विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलेगा। एनटीए ने इस बीच पांचवें और छठवें चरण को लेकर जारी कार्यक्रम के साथ पांचवें चरण में शामिल होने वाले छात्रों के प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए है, जिसमें करीब दो लाख छात्र हिस्सा लेंगे।

वहीं छठवें चरण में शामिल होने वाले छात्रों के 23 अगस्त के बाद प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। एनटीए ने इसके साथ ही पिछले चरणों में कुछ छात्रों की ओर से समाज शास्त्र, सामान्य ज्ञान, संस्कृत आदि के प्रश्न पत्रों को लेकर मिली शिकायतों के भी परीक्षण कराए जाने की बात कहीं है।

साथ ही कहा कि यदि इनकी शिकायत सही पायी गई तो इन सभी छात्रों को भी छठवें चरण में फिर से परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। एनटीए ने छात्रों के लिए परीक्षा से जुड़ी शिकायत के लिए मेल आईडी जारी किया है। जिस पर कोई भी छात्र अपने आवेदन संख्या के साथ ही शिकायत भेज सकते है। गौरतलब है कि सीयूईटी के पहले चरण की परीक्षा 15 से 20 जुलाई के बीच आयोजित की गई थी। 

Edited By: Krishna Bihari Singh