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NEET पेपर लीक के बाद एक्शन में NTA, ऑफिस और परीक्षा सामग्री की 24x7 सुरक्षा के लिए जारी किया टेंडर

Published: Mon, 03 Aug 2026 09:23 AM (IST)

एनटीए ने पेपर लीक के बाद अपने दफ्तरों और परीक्षा सामग्री की 24x7 सुरक्षा के लिए 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।

निगरानी बढ़ाने के लिए एनटीए ने निकाला टेंडर। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

निगरानी बढ़ाने के लिए एनटीए ने निकाला टेंडर। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

HighLights

  1. एनटीए ने 24x7 सुरक्षा के लिए 7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया।

  2. पेपर लीक के बाद परीक्षा सुरक्षा मजबूत करने का फैसला लिया।

  3. तकनीकी क्षमता और लागत के आधार पर एजेंसी का चयन होगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक होने से सिस्टम की कमियां सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब अपने दफ्तरों, गोपनीय रिकॉर्ड और परीक्षा से जुड़ी सामग्री की चौबीसों घंटे निगरानी करने की तैयारी कर रही है।

एजेंसी ने मिंटो रोड स्थित अपने मुख्यालय, ओखला में मौजूद क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य तय जगहों के लिए एक सिक्योरिटी फर्म को काम पर रखने के मकसद से लगभग 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।

कितने साल के लिए होगा कॉन्ट्रैक्ट?

25 जुलाई को जारी किया गया यह टेंडर सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग और परीक्षा से जुड़े प्रिंटिंग के काम के लिए की जा रही खरीद प्रक्रिया का हिस्सा है। ये सभी बोलियां परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया प्रिंटिंग और स्टोरेज से लेकर एक्सेस कंट्रोल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा तक में कंट्रोल को और मजबूत करने की कोशिश को दिखाती हैं।

सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट शुरू में दो साल के लिए होगा और इसे दो बार एक-एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। बोलियां 17 अगस्त को दोपहर 3 बजे तक जमा की जा सकती हैं। प्रिंटिंग-सर्विसेज का टेंडर 20 अगस्त को बंद होगा।

चुनी गई एजेंसी की क्या होगी जिम्मेदारी?

चुनी गई एजेंसी एनटीए के कर्मचारियों, आने-जाने वालों, परिसर, परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, सर्वर रूम, स्ट्रॉन्ग रूम, वेयरहाउस, रिकॉर्ड रूम और दूसरी संवेदनशील जगहों की निगरानी करेगी। यह एजेंसी आने-जाने पर नजर रखेगी, स्टाफ और विजिटर्स की पहचान की जांच करेगी, लॉग्स बनाए रखेगी और यह पक्का करेगी कि सिर्फ अधिकृत लोग ही प्रतिबंधित इलाकों में जाएं।

सुरक्षा व्यवस्था में डोर-फ्रेम और हाथ से इस्तेमाल होने वाले मेटल डिटेक्टर, जीपीएस-युक्त गार्ड पेट्रोल ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल घटना-रिपोर्टिंग सिस्टम शामिल होंगे। एनटीए ने मुख्य रूप से लागत के आधार पर बोली लगाने वाले को चुनने का तरीका बदल दिया है।

एनटीए ने बदला तरीका

एनटीए के परीक्षा सिस्टम की संवेदनशील प्रकृति और गोपनीयता की जरूरतों का हवाला देते हुए इसने क्वालिटी और लागत पर आधारित चयन मॉडल अपनाया है। तकनीकी क्षमता को 70% और फाइनेंशियल बोली को 30% वेटेज दिया जाएगा। तकनीकी मूल्यांकन में कम से कम 70 अंक पाने वाली एजेंसियां ही फाइनेंशियल राउंड तक पहुंच पाएंगी।

बोली लगाने वालों के पास प्रोफेशनल सिक्योरिटी के क्षेत्र में कम से कम पांच साल का अनुभव और पिछले तीन फाइनेंशियल वर्षों में औसतन 10 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर होना चाहिए। साथ ही उन्होंने पहले हाई-सिक्योरिटी वाले संस्थानों जैसे कि केंद्र सरकार के संस्थानों, परीक्षा एजेंसियों, विश्वविद्यालयों, हवाई अड्डों, अस्पतालों या मेट्रो सिस्टम में काम किया हो।

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