Move to Jagran APP

NSA अजित डोभाल ने कहा, जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान एक गलती थी

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने मंगलवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक गलती थी।

By Nancy BajpaiEdited By: Published: Wed, 05 Sep 2018 07:55 AM (IST)Updated: Wed, 05 Sep 2018 10:47 PM (IST)
NSA अजित डोभाल ने कहा, जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान एक गलती थी

नई दिल्ली (प्रेट्र)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने मंगलवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक 'गलती' थी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रभुता से कभी समझौता नहीं किया जा सकता। डोभाल ने कश्मीर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू एवं कश्मीर के स्थाई निवासियों को खास तरह के अधिकार और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं।

देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल पर लिखी एक किताब के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि उन्होंने देश की मजबूत आधारशिला रखने में अहम योगदान दिया है। डोभाल ने इस मौके पर पटेल को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

उन्होंने कहा कि संप्रभुता को 'न तो कमजोर किया जा सकता है और न ही गलत तरीके से परिभाषित किया जा सकता है।' उन्होंने कहा, 'जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए तो संभवत: वे भारत को एक मजबूत संप्रभु देश के रूप में छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।' डोभाल ने कहा कि इस संदर्भ में पटेल ने अंग्रेजों की योजना शायद समझ ली कि वे कैसे देश में टूट के बीज बोना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटेल का योगदान सिर्फ राज्यों के विलय तक नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक है।


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.