यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केंद्र सरकार का नया नियम, मंत्रालयों और सरकारी विभागों को भी देना होगा किराया
अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने जिस मंत्रालय और विभाग को जितना एरिया आवंटित किया है उसे उसका किराया देना होगा।

नई दिल्ली (जेएनएन)। मोदी सरकार के नए नियम के मुताबिक मंत्रालय और सरकारी विभाग को भी अब किराया चुकाना होगा। अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने जिस मंत्रालय और विभाग को जितना एरिया आवंटित किया है उसे उसका किराया देना होगा।
नए नियम पर जवाब देते हुए मंत्रायलय ने कहा, 'शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू के स्वीकृति से यह क्रियान्वयन मार्च 31, 2017 तक किया जा सकता था।' सूत्रों की मानें तो इस सर्कुलर को फिलहाल वेंकैया नायडू की मंजूरी का ही इंतजार है।
गौरतलब है कि मंत्रालयों के यह सब खर्चे फिलहाल केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) वहन करता है। इन बिल्डिंगों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी सीपीडब्ल्यूडी की ही है। शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह सब दुर्लभ संसाधनो की बर्बादी को रोकने के लिए किया जा रहा है।
मंत्रालय और विभाग, शहरी विकास मंत्रालय को हर महीने 24 से लेकर 36 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट के हिसाब से किराया देंगे। इसमें एसी और सामान्य दोनों तरह के एरिया शामिल हैं। मंत्रालय और विभाग को जितना एरिया आवंटित होगा उसे उतने एरिया का किराया देना होगा। इस नियम के अंतर्गत निर्माण भवन, उद्योग भवन, साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक, कृषि भवन, रेल भवन और परिवहन भवन सहित कई भवनों को शामिल किया जाएगा।
इस पहल के पीछे यह सुनिश्चित करना है कि हर विभाग पूरी तरह से उसे मिली जगह और बिजली दोनों का सही तरीके से इस्तेमाल कर रहा है।
यह भी पढ़ें: बैन हटने के बाद फिर उसी एयरइंडिया के विमान में शिवसेना सांसद गायकवाड
