टाटा समूह विवाद: नोएल टाटा ने रखे दो प्रस्ताव, एसपी ग्रुप के 25 हजार करोड़ पर मांगा जवाब
नोएल टाटा ने टाटा संस की आगामी बोर्ड बैठक के लिए दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं, जिसमें कंपनी को लिस्टिंग ...और पढ़ें

नोएल टाटा ने टाटा संस बोर्ड को दो प्रस्ताव दिए

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े उद्योग घराने टाटा समूह के भीतर चल रही रस्सा-कस्सी को लेकर एक तरफ जहां दोनों प्रतिद्वंदी गुटों में सुलह की बातें सामने आ रही हैं, वहीं नोएल टाटा गुट की तरफ से आगामी बोर्ड बैठक को लेकर नई तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
खबर है कि हाल ही में नोएल टाटा और एन चंद्रशेखरन के बीच गुप्त बातचीत हुई थी, लेकिन वह बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई। इसके बावजूद नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी को 29 अक्टूबर को दो पत्र लिखकर 26 नवंबर की बोर्ड बैठक के एजेंडे में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल करने की मांग की है।
नोएल टाटा ने टाटा संस बोर्ड को दो प्रस्ताव दिए
उन्होंने कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इन प्रस्तावों पर मतदान कराने की मंशा जताई है। इस प्रस्ताव को नोएल टाटा की तरफ से टाटा संस को लिस्टिंग से बचाने की अंतिम कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पहला प्रस्ताव टाटा संस को गैर बैंकिंग वित्तीय कंनपी (एनबीएफसी) और प्रमुख निवेशक कंपनी (सीआईसी) के दर्जे से बाहर निकालने से जुड़ा है।
इसमें सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सितंबर में टाटा इलेक्ट्रोनिक सिस्टम्स सोल्यूशंस (टीईएसएस) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (टीसीई) नामक दो पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों को टाटा संस में विलय करने का सुझाव दिया गया है।
नोएल टाटा चाहते हैं कि बोर्ड इस पर सिद्धांत रूप में मंजूरी दे। इस विलय का मकसद टाटा संस को सिर्फ होल्डिंग कंपनी न रखकर एक आपरेटिंग कंपनी भी बनाना है।
विलय के बाद टाटा संस की परिचालन आय इतनी बढ़ जाएगी कि वह आरबीआई के एनबीएफसी और सीआईसी की परिभाषा से बाहर निकल जाएगा। इससे कंपनी को ऊपरी स्तर की एनबीएफसी के रूप में लिस्टिंग करने की अनिवार्य आवश्यकता भी खत्म हो जाएगी।
दूसरा एसपी ग्रुप की 18.4% हिस्सेदारी खरीदने का
सनद रहे कि आरबीआई ने सितंबर में टाटा संस को पत्र लिखकर नियम पालन करने को कहा था। नोएल टाटा का जो प्रस्ताव है, वह काफी पेंचीदा भी है लेकिन मौजूदा हालात में इससे बाजार में उतरने की बाध्यता से मुक्ति मिल जाएगी। इसके तरहत आरबीआइ व एनसीएलटी से मंजूरी लेनी होगी, जो आसान नहीं होगा।
दूसरा प्रस्ताव शपूरजी पल्लोनजी (एसपी) ग्रुप की हिस्सेदारी से जुड़ा है। एसपी ग्रुप टाटा संस में करीब 18.4 फीसद हिस्सेदारी रखता है और लंबे समय से तरलता चाहता है।
नोएल टाटा ने बोर्ड से मांग की है कि टाटा संस एसपी ग्रुप की इतनी हिस्सेदारी खरीदकर रद्द कर दे, जिससे उन्हें 25,000 करोड़ रुपये की सकल राशि मिल सके। उन्होंने यह भी बताया है कि शेयरों का मूल्यांकन कैसे होगा या उपरोक्त राशि का इतंजाम किस तरह से किया जाएगा।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।