नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संक्रमण को देखते हुए एक साथ कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। भारत में भी यह पांव पसार चुका है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की गाइड लाइन और चिकित्सकों के परामर्श को अपना कर हम संक्रमण से बच सकते हैं। विशेषज्ञ ऐसी उम्मीद जता रहे हैं कि कोराना चीन और यूरोपीय देशों की तरह भारत में कहर नहीं बरपा पाएगा। इसके बहुत से कारण हैं जिसकी जानकारी अखबारों के माध्यम से आपको नियमित रूप से मिल रही है। अखबार कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

अखबार से कोरोना को खतरा नहीं

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के जेएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलोजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन व चिकित्सा अधीक्षक प्रो. हारिश एम. खान का कहना है कि अखबार से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा नहीं है। अखबार को लेकर कहीं से कोई ऐसी खबर आई भी नहीं है। जरूरत सिर्फ स्वच्छता अपनाने की है। जेएन मेडिकल कॉलेज की लैब में कोरोना वायरस के सैंपल की जांच प्रो. हारिश एम खान की अगुवाई में ही एक टीम कर रही है।

प्रो. हारिश ने बताया कि समाचार पत्र कई माध्यमों से घरों तक पहुंचता है। ऐसे में उसे पढ़ने के बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर कर लें। वैसे भी कभी-कभी अखबार का कलर छूट जाता है। इसलिए, हाथ साफ करते रहें। सैनिटाइजर नहीं है तो साबुन का इस्तेमाल करें। यह वायरस साबुन से भी मर जाता है। वायरस एक दूसरे के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। इसलिए, शारीरिक दूरी बनाए रखने की जरूरत है। लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करें। यह समय हमारे लिए बेहद चुनौती पूर्ण है। हर देशवासी को मजबूत कड़ी के रूप में काम करना होगा। इस सोच के साथ न रहें कि मुझे कुछ नहीं होने वाला।

Posted By: Dhyanendra Singh

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