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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परमाणु पनडुब्बी के दस्तावेज भारत में लीक नहीं, शुरुआती जांच में हुआ खुलासा

By kishor joshiEdited By:
Published: Sat, 17 Sep 2016 02:03 PM (IST)Updated: Sat, 17 Sep 2016 02:20 PM (IST)

परमाणु पनडुब्बी स्कॉर्पियन के दस्तावेज लीक होने की घटना भारत में नही हुई है।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। नौसेना चीफ सुनील लांबा ने कहा कि शुरुआती जांच में पता लगा है कि परमाणु पनडुब्बी स्कॉर्पियन के दस्तावेज लीक होने की घटना भारत में नही हुई है। उन्होंने कहा कि हालांकि एक हाई लेवल कमेटी गठित की गई है, जो हमारी से ओर से लीक हुए दस्तावेज को लेकर जांच करेगी। इसी तरह फ्रांस, डीसीएनएस और फ्रासं सरकार ने भी जांच बिठाई है। इन जांचों के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या करना है।

गौरतलब है कि भारतीय नौसेना और एक फ्रांसीसी रक्षा कंपनी डीसीएनएस के बीच स्कॉर्पियन पनडुब्बी करार हुआ था, जिसकी गुप्त जानकारी लीक होने की खबर आस्ट्रेलियाई अखबार ने प्रकाशित की थी। लीक हुई जानकारी में पनडुब्बी की मारक क्षमता और इससे जुड़ी कई तकनीकी खूबियों संबंधी बातें शामिल थी।

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रिपोर्ट के अनुसार लीक दस्तावेज 22 हजार 400 पृष्ठों का है। भारत के लिए यह इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि इससे जुड़ी हुई गुप्त जानकारियां पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के हाथ भी लग सकती हैं। इस पनडुब्बी का डिजायन फ्रांस की पोत कंपनी डीसीएनएस द्वारा तैयार किया गया है।

इस लीक से आस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी सामरिक चिंताएं पैदा हो गई हैं। इन पनडुब्बियों को अपनी तरह की पनडुब्बियों में सर्वाधिक आधुनिक माना जाता है। इनके बारे में कहा जाता है कि दुश्मन को इनकी भनक लगना बेहद मुश्किल होता है।

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