पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के केवल दो मामलों की पुष्टि, स्वास्थ्य मंत्रालय की भ्रामक जानकारियों से बचने की सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निपाह वायरस संक्रमण पर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं का खंडन किया है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के केवल दो मामले दर्ज: स्वास्थ्य मंत्रालय

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने निपाह वायरस संक्रमण (NiVD) से जुड़ी गलत सूचनाओं और अटकलों पर कड़ा रुख अपनाया है।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मीडिया के कुछ हिस्सों में निपाह वायरस संक्रमण के मामलों को लेकर भ्रामक आंकड़े फैलाए जा रहे हैं।
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की रिपोर्ट के आधार पर, पिछले साल दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के केवल दो मामले दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों की पुष्टि होने के बाद, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ मिलकर तुरंत कार्रवाई शुरू की। प्रोटोकॉल के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय लागू किए गए, जिसमें संपर्क ट्रेसिंग और निगरानी शामिल है।
NCDC की रिपोर्ट्स में खुलासा
NCDC की रिपोर्ट्स के अनुसार इन दो मामलों से जुड़े कुल 196 संपर्कों की पहचान की गई। सभी का पता लगाया गया, उनकी निगरानी की गई और परीक्षण कराया गया।
मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, ये सभी संपर्क नेगेटिव पाए गए। केंद्रीय और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से निगरानी बढ़ाई गई, प्रयोगशाला परीक्षण तेज किए गए और फील्ड जांच की गई।
परिणामस्वरूप, मामलों को समय पर कंट्रोल किया जा सका। अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने स्थिति पर निगरानी की बात कही है और सभी आवश्यक स्वास्थ्य उपायों को लागू रखा है।
सरकार ने मीडिया से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित जानकारी पर भरोसा करें। इससे संक्रमण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
क्या हैं शुरुआती लक्षण?
शुरुआती लक्षण बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द हैं, लेकिन जिन लोगों को बाद में ब्रेन इन्फेक्शन होता है, उन्हें दौरे या मिर्गी, कन्फ्यूजन, लकवा या कोमा हो सकता है।
लक्षण दूसरे वायरस से होने वाले दूसरे तरह के ब्रेन इन्फेक्शन जैसे ही होते हैं। कभी-कभी निपाह का पता नहीं चल पाता क्योंकि इसके लिए खास तौर पर टेस्ट नहीं किया जाता।
