विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हाईवे पर निकलने से पहले ध्यान दें! टोल प्लाजा पर नए नियम लागू, बदला फास्टैग सिस्टम

Published: Tue, 31 Mar 2026 08:38 PM (IST)Updated: Wed, 01 Apr 2026 12:06 AM (IST)

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद कर रहा है। अब टोल चार्ज ...और पढ़ें

एनएचएआई देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पर पूरी तरह से रोक लगा देगा

एनएचएआई देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पर पूरी तरह से रोक लगा देगा

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में सड़क इस्तेमाल करने वाले लोग एक अप्रैल से टोल चार्ज नकद नहीं दे पाएंगे, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) पूरी तरह से डिजिटल पेमेंट सिस्टम अपनाने जा रहा है। हाईवे यात्रा को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े कदम के तौर पर एनएचएआई देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पर पूरी तरह से रोक लगा देगा।

एक अप्रैल से यात्रियों को टोल चार्ज सिर्फ फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल तरीकों से ही देना होगा। इस कदम का मकसद नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन को अधिक कुशल बनाना और ज्यादा पारदर्शिता लाना है।

अधिक तेजी से निकलेंगी गाड़ियां

अधिकारियों का मानना है कि पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम से गाड़ियां टोल प्लाजा से अधिक तेजी से निकल पाएंगी, जिससे लंबी लाइनें नहीं लगेंगी और यात्रा का समय बचेगा। टोल बूथ पर तेजी से प्रोसेसिंग होने से ईंधन की खपत भी कम होने और गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।

इस बदलाव से कुछ यात्रियों को परेशानी हो सकती है, खासकर उन लोगों को जो डिजिटल पेमेंट के लिए तैयार नहीं हैं। इसके अलावा जिन गाड़ियों के पास वैध फास्टैग नहीं है या जिनमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है, उन्हें जुर्माना देना पड़ सकता है या उन्हें टोल प्लाजा पर रोका जा सकता है।

यूपीआई से तुरंत पेमेंट करने का विकल्प

ऐसे मामलों में यात्रियों के पास टोल बूथ पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई से तुरंत पेमेंट करने का विकल्प होगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नेटवर्क की दिक्कतों की वजह से कभी-कभी इस तरह के लेन-देन में रुकावट आ सकती है, जिससे देरी हो सकती है।

रुकावटों से बचने के लिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका फास्टैग एक्टिव है, बैंक खाते से ठीक से जुड़ा हुआ है और उसमें पर्याप्त बैलेंस है। विकल्प के तौर पर अपने स्मार्टफोन में कार्यशील यूपीआई एप रखें।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

 

यह भी पढ़ें- नेशनल हाईवे पर गाड़ी चलाना महंगा, ATM से कैश निकालने के नए नियम; 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलेगा?