नई दिल्ली। इसरो के पूर्व चेयरमैन जी माधवन नायर का कहना है कि वेदों के कुछ श्लोकों में चंद्रमा पर पानी मौजूद होने का वर्णन किया गया है। इसके अलावा नायर ने कहा कि आर्यभट्ट जैसे खगोल विज्ञानियों को गुरुत्वाकर्षण बल की जानकारी आइजक न्यूटन से पहले से ही थी।

नायर ने कहा कि भारतीय प्राचीन शास्त्रों और वेदों में धातु विज्ञान, बीजगणित, खगोल शास्त्र, गणित, वास्तुकला और ज्योतिष शास्त्र की जानकारी, पश्चिमी दुनिया को यह ज्ञान हासिल होने से कहीं पहले से मौजूद है। वेदों पर एक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में बोलते हुए नायर ने कहा कि वेदों के कुछ श्लोकों में बताया गया है कि चंद्रमा पर पानी है, लेकिन किसी ने इस पर विश्वास नहीं किया।

उन्होंने कहा कि अपने चंद्रयान मिशन के जरिये हमने इस बात को दुनिया में सबसे पहले साबित किया। इसके अलावा विख्यात खगोल शास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट को लेकर नायर ने कहा कि हमें इस बात पर गर्व है कि आर्यभट्ट और भास्कर ने न सिर्फ सौरमंडल के रहस्यों को उजागर किया, बल्कि सौरमंडल के बाहर की दुनिया की भी खोज की। यह सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है।

Posted By: T emp