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भारतीय रेलवे ने कंफर्म टिकट को कैंसिल करने के बदले नियम, रिफंड पर आया नया अपडेट

Published: Tue, 24 Mar 2026 09:30 PM (IST)

रेलवे ने टिकट रद्द करने और यात्रा संबंधी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे ...और पढ़ें

कंफर्म टिकट 8 घंटे से कम समय में रद करने पर रिफंड नहीं

कंफर्म टिकट 8 घंटे से कम समय में रद करने पर रिफंड नहीं

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और यात्रा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। अब अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने से आठ घंटे से कम समय पहले कैंसिल करता है तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा।

पहले यह सीमा चार घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अंतिम समय तक टिकट पकड़कर रखने की आदत पर रोक लगेगी। यात्रियों को अपनी यात्रा का फैसला पहले लेना होगा। इसी क्रम में यात्रियों की सुविधा के लिहाज से रेलवे ने चार्ट तैयार करने के समय को चार घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे पहले कर दिया है।

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ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले रद करने पर नो रिफंड

नए नियम एक से 15 अप्रैल के दौरान चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 हफ्ते में 52 सुधारों की कोशिशों के तहत मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया कि यह बदलाव रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने और खाली सीटों का बेहतर उपयोग करने के लिए किया गया है। इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने के ज्यादा मौके मिलेंगे और यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।

खासतौर पर टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने में सहूलियत होगी। कई बार एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और जरूरत न होने पर आखिरी समय में कैंसिल करके पैसा वापस ले लेते थे, जिससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता था।अब रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने टिकट कब कैंसिल किया।

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कब मिलेगा पूरा पैसा वापस?

अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है तो उसे लगभग पूरा पैसा वापस मिलेगा। केवल एक छोटा-सा तय शुल्क काटा जाएगा। यात्रा से 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर टिकट राशि का 50 प्रतिशत कटेगा। पहले यह नियम 12 से 4 घंटे के बीच लागू होता था। इसी तरह 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर अब टिकट कीमत का 25 प्रतिशत कटेगा।

अगर ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट रद्द किया जाता है तो प्रति यात्री एक तय रद्दीकरण शुल्क काटकर पूरा रिफंड दिया जाएगा। मौजूदा नियमों के अनुसार 48 से 12 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर 25 प्रतिशत कटौती होती थी, जबकि 48 घंटे से अधिक पहले रद्द करने पर पूरा रिफंड मिलता था। रेलवे ने यात्रियों को कुछ सुविधाएं भी दी हैं।

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काउंटर टिकट के भी बदले नियम 

अब अगर आपने काउंटर से टिकट लिया है, तो आप उसे देश के किसी भी स्टेशन से कैंसिल करा सकते हैं। पहले यह सुविधा सिर्फ उसी स्टेशन तक सीमित थी, जहां से टिकट लिया गया था। वहीं ई-टिकट के मामले में भी प्रक्रिया आसान कर दी गई है और टिकट कैंसिल होते ही रिफंड अपने आप शुरू हो जाएगा।

कुछ खास परिस्थितियों में यात्रियों को पूरी राहत भी मिलेगी। अगर ट्रेन रद्द हो जाती है या तीन घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री को पूरा पैसा वापस मिलेगा। इसी तरह अगर वे¨टग टिकट चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म नहीं होता है, तो वह अपने आप कैंसिल हो जाएगा और पूरी राशि वापस मिल जाएगी।

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बोर्डिंग से जुड़े नियमों में बदलाव 

बोर्डिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। यह सुविधा खासकर बड़े शहरों के यात्रियों के लिए फायदेमंद है, जहां एक ही शहर में कई स्टेशन होते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से यात्रा शुरू नहीं की जा सकेगी।

कुल मिलाकर रेलवे का यह नया नियम यात्रियों को समय पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है। अगर आप यात्रा नहीं करना चाहते हैं, तो टिकट जल्दी कैंसिल करें ताकि ज्यादा पैसा वापस मिल सके। वहीं आखिरी समय तक इंतजार करने पर अब नुकसान तय है। इन बदलावों का मकसद सीटों का बेहतर उपयोग करना, वे¨टग लिस्ट को कम करना और टिकट सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।