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संयुक्त आयुक्त से नीचे के अधिकारी नहीं कर सकेंगे माल की जांच, नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

Published: Sat, 10 Oct 2026 06:29 PM (IST)

जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद माल ढुलाई नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब संयुक्त आयुक्त ...और पढ़ें

जीएसटी नियमों में बड़ा बदलाव (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

जीएसटी नियमों में बड़ा बदलाव (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. संयुक्त आयुक्त से नीचे के अधिकारी नहीं रोकेंगे मालवाहक गाड़ियां।

  2. ई-वे बिल होने पर सिर्फ संबंधित राज्य करेंगे जांच।

  3. इनपुट टैक्स क्रेडिट और ई-कॉमर्स पंजीकरण नियम सरल।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जीएसटी संबंधित जांच के नाम पर अब संयुक्त आयुक्त से नीचे का अधिकारी माल ले जा रही गाड़ी को नहीं रोक सकेगा। गत गुरुवार को जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए फैसले के बाद अप्रत्यक्ष कर विभाग ने माल ले जा रही गाड़ियों की जांच को लेकर विस्तृत जानकारी दी है।

काउंसिल की बैठक के बाद यह बताया गया था कि अगर ईवे-बिल के साथ कोई माल जा रहा है तो सिर्फ माल लोड वाले राज्य और माल उतारे जाने वाले राज्य के जीएसटी अधिकारी उस माल की जांच कर सकेंगे। रास्ते में आने वाले राज्यों के अधिकारी कोई जांच नहीं कर सकेंगे।

अब यह साफ कर दिया गया है कि सिर्फ संयुक्त आयुक्त व उनसे ऊपर के अधिकारी को ही इस प्रकार की जांच का अधिकार होगा और जांच का संचालन के लिए उन्हें लिखित रूप से बताना होगा।

व्यापारियों ने बताया कि अभी अगर दिल्ली से मुंबई के लिए माल जा रहा है तो रास्ते में आने वाले राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे किसी भी राज्य के अधिकारी उनके माल को जांच के नाम पर रोक कर वसूली करते थे। इससे माल डिलिवरी में देर होने के साथ उनकी ढुलाई लागत बढ़ जाती थी।

अप्रत्यक्ष कर विभाग ने यह भी बताया है कि अगर ईवे बिल के बिना ही कोई माल जा रहा है तो किसी भी राज्य के किसी भी रैंक के जीएसटी अधिकारी जांच के लिए उस माल को रोक सकते हैं।

व्यापारियों ने बताया कि माल लेकर ट्रक या टेंपो ड्राइवर जाता है और रोके जाने पर वह मालिक को फोन करता है और उन्हें उस जगह पर जाकर माल रोकने वाले अधिकारियों के साथ समझौता करना पड़ता है। इस बात की शिकायत वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को लगातार मिल रही थी। अ

प्रत्यक्ष कर विभाग ने यह भी बताया है कि सीमा से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का भुगतान हासिल करने पर कारोबारियों का पंजीयन रद हो जाता था, अब इस नियम को समाप्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यापारी अतिरिक्त लाभ कमाने की कोशिश में लिप्त पाया जाता है तो अभी उसका जीएसटी पंजीयन रद हो जाता है। नए नियम में ऐसा नहीं होगा।

अप्रत्यक्ष कर विभाग के मुताबिक, जीएसटी रद कराने के नियम को भी सरल बना दिया गया है। जीएसटी पोर्टल पर जाकर कारोबारी सभी प्रकार की जानकारी ले सकते हैं। ई-कामर्स के माध्यम से कारोबार करने वाले व्यापारी के जीएसटी पंजीयन नियम को सरल बना दिया गया है।

लेकिन पंजीयन के लिए उन्हें अपने वेयरहाउस की विस्तृत जानकारी देनी होगी। पंजीयन होने के बाद वेयरहाउस के बाहर उन्हें अपने जीएसटी नंबर का प्रदर्शन नहीं करना होगा।