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सीकर के कोचिंग सेंटर पहुंचे हाथ से लिखे पेपर, पांच लाख तक में हुआ सौदा; NEET पेपर लीक में नए खुलासे

Published: Thu, 14 May 2026 11:23 AM (IST)Updated: Thu, 14 May 2026 11:25 AM (IST)

CBI की जांच में खुलासा हुआ है कि NEET-UG पेपर लीक का प्रश्न पत्र आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान ...और पढ़ें

यह फोटो एआई की मदद से बनाई गई है।

यह फोटो एआई की मदद से बनाई गई है।

HighLights

  1. लीक पेपर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा

  2. छात्रों से प्रश्न पत्र के लिए 2-5 लाख रुपये लिए

  3. CBI लीक के स्रोत व पैसों की जांच में जुटी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पाया है कि, लीक हुआ प्रश्न पत्र यश यादव नाम के एक आरोपी के जरिए राजस्थान पहुंचा था। सूत्रों ने बताया कि पेपर के लिए छात्रों से दो से पांच लाख रुपये तक की रकम वसूली गई थी।

सूत्रों की माने तो, यश यादव की जान-पहचान एक अन्य आरोपी विकास बिवाल से थी। जांच में पता चला है कि विकास बिवाल के पिता, दिनेश बिवाल ने ही NEET-UG प्रश्न पत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन किया था और उसे PDF में बदला था।इसके बाद आरोपियों ने प्रश्न पत्र को राजस्थान के सीकर जिले के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच बांटने से पहले उसे हाथ से लिखा था।

CBI ने कोचिंग संस्थानों के मालिकों से भी की पूछताछ

वहीं, मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को बुधवार देर रात जयपुर में एक मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया। जांच एजेंसी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक कार्यवाही के लिए लाई थी। CBI ने जांच के हिस्से के तौर पर कोचिंग संस्थानों के मालिकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की है।

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जयपुर में मजिस्ट्रेट के आवास पर पेशी के लिए लाया गया आरोपी।

यश यादव को लेकर बताया गया कि, वह खुद यह परीक्षा पास नहीं कर पाया था और उसने बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज से स्नातक किया है। इस बीच, आरोपी शुभम ने सभी आरोपों से इनकार किया है कि वह पेपर लीक का मुख्य साजिशकर्ता था।

CBI इस समय लीक के स्रोत, उस कड़ी (chain) की जांच कर रही है, जिसके जरिए प्रश्न पत्र आरोपियों तक पहुंचा, और यह भी कि बाद में इसे परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच कैसे बांटा गया।

छात्रों के बयान भी किए जा रहे दर्ज

छात्रों के साथ-साथ आरोपियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि जांचकर्ता कथित लीक नेटवर्क से जुड़े पैसे के लेन-देन की भी पुष्टि कर रहे हैं। CBI ने इससे पहले 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग से मिली एक लिखित शिकायत के आधार पर एक मामला दर्ज किया था। यह शिकायत NEET-UG 2026 परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के संबंध में थी।

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नई दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और RAF कर्मियों के बीच झड़प।

मालूम हो कि, केंद्र सरकार ने 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा रद कर दी है और घोषणा की है कि देश की सबसे बड़ी अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीखें अलग से बताई जाएंगी।

इस घटना के बाद, बिहार पुलिस ने बुधवार को एक ऐसे गिरोह का भी भंडाफोड़ किया, जिसके बारे में आरोप है कि वह NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में शामिल था।

बिहार के राजगीर से मिले अहम सबूत

राजगीर के DSP सुनील कुमार सिंह ने कई मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए जाने की पुष्टि की, जिनमें मामले से जुड़े डिजिटल सबूत मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, इन डिवाइस से मिली चैट्स में पैसे के लेन-देन का स्पष्ट सुराग मिला है, और कई ऐसे मेडिकल कॉलेज के छात्रों की पहचान की गई है, जिन पर इस गिरोह का हिस्सा होने का शक है।

बता दें कि, इस साल NEET UG की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस परीक्षा में 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से ज्यादा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

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