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NEET UG 2026 Paper Leak: मोदी सरकार ने पेपर लीक पर बनाया था नया कानून, कितनी मिलती है सजा; क्या है प्रावधान?

Published: Tue, 12 May 2026 06:37 PM (IST)

NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद रद कर दिया गया है, जिसमें मास्टरमाइंड मनीष जयपुर से गिरफ्तार ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में मेडिकल की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का पेपर एक बार फिर लीक हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को इस परीक्षा का आयोजन किया था, लेकिन आज 12 मई 2026 को इस परीक्षा को रद कर दिया गया है।

NEET 2026 पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड मनीष जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। अभी तक की जांच में पता चला है कि मनीष को प्रश्नपत्र के छपने से पहले ही परीक्षा में आने वाले सभी सवाल पता चल गए थे। NEET परीक्षा के लीक होने का असर 22 लाख से ज्यादा बच्चों पर पड़ा है। 

NEET परीक्षा पेपर लीक कांड की CBI जांच

केंद्र सरकार ने इस मामले में सीबीआइ जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा राजस्थान SOG और अन्य राज्यों की पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है।

अधिकारियों के मुताबिक NEET की परीक्षा से पहले ही 'गेस पेपर' के नाम से कुछ छात्रों को प्रश्नपत्र भेजा गया था। इस गेस पेपर के 100 से ज्यादा सवाल असली NEET परीक्षा में थे। इस बात के सामने आने से पूरे देश में हड़कंप मच गया।

पेपर लीक करने की क्या मिलती है सजा?

NEET-UG परीक्षा के रद होने से एक बार फिर इन परीक्षाओं को कराने वाली संस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। पेपर लीक के बढ़ रहे मामलों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 2024 में एक सख्त कानून भी लागू किया था- सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024। इस कानून की धारा 3, 4, 5 और 6 के तहत सजा का प्रावधान रखा गया है।

  • इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति परीक्षा लीक करने के मामले में पकड़ा जाता है। या फिर कोई व्यक्ति OMR शीट में कुछ अदला-बदली करता है या पेपर को साइबर हैकिंग के जरिए ट्रैक करता है तो उसे तीन से पांच साल की जेल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही उस व्यक्ति पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
  • अगर कोई गैंग इस तरह की परीक्षाओं की धांधली में लिप्त मिलती है तो ऐसे गिरोह के लोगों को पांच से 10 साल तक जेल की सजा मिल सकती है। वहीं ऐसे लोगों पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
  • ऐसे मामलों में अगर परीक्षा का आयोजन जिस कंपनी या एजेंसी ने किया है, वो ही परीक्षा लीक करने में शामिल हैं, तो एजेंसी पर 4 साल तक कोई भी परीक्षा कराने पर रोक लगा दी जाएगी और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। इसके साथ रद हुई परीक्षा का पूरा खर्च भी वसूला जा सकता है।
  • अगर कंपनी या एजेंसी का मैनेजर या कोई अधिकारी पेपर लीक करने के मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे 3 से 10 साल तक जेल की सजा हो सकती है और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • अगर ये संगठित अपराध साबित होता है, तब आरोपियों की संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024, कानून इसलिए भी सख्त है क्योंकि इसमें अपराधी को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। वहीं अपराधी को आसानी से जमानत भी नहीं मिलती है।
 
इन सभी परीक्षाओं में से किसी भी परीक्षा के लीक होने पर यही प्रावधान है। इन परीक्षाओं को लेकर इतने सख्त नियम इसलिए बनाए गए हैं, जिससे परीक्षाओं के लीक होने पर लगाम लगाई जा सके।

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