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'अब गड़बड़ी नहीं होगी, अगले साल से कम्प्यूटर बेस्ड होगा NEET एग्जाम'; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एलान

Published: Fri, 15 May 2026 11:19 AM (IST)Updated: Fri, 15 May 2026 12:34 PM (IST)

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट परीक्षा की नई तारीख 21 जून घोषित की है। यह निर्णय पेपर लीक के ...और पढ़ें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की नई तारीख का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए घोषणा की कि NEET-UG की पुन: परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी। पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के विरोध के बाद सरकार ने यह अहम कदम उठाया है।

छात्रों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों की कड़ी मेहनत और उनके प्रयासों के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा, "हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्र और उनका भविष्य है। हम किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।"

घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। लेकिन 7 मई तक, NTA की शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से कई आपत्तियां सामने आने लगीं। इन शिकायतों में दावा किया गया था कि कथित गेस पेपर में दिए गए कुछ प्रश्न इस साल के मुख्य प्रश्नपत्र में भी हूबहू आए थे।

एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई

शिकायतें मिलने के तुरंत बाद, NTA, सरकार और उच्च शिक्षा विभाग ने मिलकर एक प्रारंभिक जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया, "पहली नजर में यह मामला दो या तीन राज्यों से जुड़ा हुआ प्रतीत हुआ। इसलिए, हमने तुरंत उन राज्यों की जांच एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया। यह पूरी प्रक्रिया 7 मई की रात को ही प्रभावी रूप से शुरू कर दी गई थी और 8 मई से आगे तक जारी रही।"

शिक्षा माफियाओं पर कसा शिकंजा

जांच प्रक्रिया के बारे में बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि 8, 9, 10 और 11 मई तक चली जांच के बाद स्थिति बिल्कुल साफ हो गई थी। एजेंसियों को यह निश्चित हो गया कि 'गेस पेपर' की आड़ में वास्तव में पेपर लीक किया गया था।

उन्होंने कहा, "पूरी स्पष्टता मिलने के बाद, 12 मई को हमने छात्रों के हित में कड़ी कार्रवाई की। हमने यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा माफियाओं की किसी भी साजिश के कारण, या अनुचित साधनों से अयोग्य उम्मीदवारों को लाभ मिलने की वजह से, कोई भी योग्य और मेधावी छात्र अपने अधिकारों से वंचित न रहे।" सरकार के इस कदम के बाद, अब लाखों छात्रों को 21 जून को होने वाली नई परीक्षा की तैयारी के लिए कमर कसनी होगी।

उन्होंने आगे कहा कि हम नहीं चाहते थे कि किसी भी योग्य छात्र को धोखेबाज़ उम्मीदवारों की चालबाज़ियों या शिक्षा माफिया की साजिशों की वजह से उसके अधिकारों से वंचित होना पड़े। पिछली बार सामने आई अनियमितताओं के बाद, राधाकृष्णन समिति का गठन किया गया था, और हमने 2025 और 2026 दोनों के लिए उसकी सिफारिशों को लागू किया। इसके बावजूद, यह घटना घटित हुई। इसलिए, हमारा पहला फैसला परीक्षा रद करने का था।

दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

सरकार ने पेपर लीक का यह मामला तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि NTA के अंदर हो या बाहर, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है और सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले परीक्षा माफियाओं को कड़ी चेतावनी दी गई है।

बिना डरे परीक्षा दें

मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे निडर होकर परीक्षा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि पैसे और माफिया की ताकत से किसी भी मेधावी छात्र की सीट छिनने नहीं दी जाएगी। घटना पर दुख जताते हुए उन्होंने साफ किया कि यह कड़ा फैसला राष्ट्रीय हित और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।

OMR के मुकाबले CBT मोड ज्यादा सुरक्षित

परीक्षा की पारदर्शिता पर बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा का कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड OMR की तुलना में अधिक सुरक्षित है। हालांकि साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती है, लेकिन हमें देश की व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखना होगा।

शहर चुनने का मिलेगा मौका, 14 जून को एडमिट कार्ड

पुन: परीक्षा के लिए छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। सभी छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

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