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लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी बढ़ेगा सत्ता पक्ष का दबदबा, उच्च सदन में इतनी हो जाएगी भाजपा की संख्या?

लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी एनडीए जल्द ही बहुमत के आंकड़े को प्राप्त करने वाला है। मालूम हो कि एनडीए के सदस्यों की संख्या अभी 110 है। दस सीटों पर चुनाव के बाद राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या फिर से 240 हो जाएगी और एनडीए के सदस्यों की संख्या 120 पहुंच जाएगी। भाजपा पहली बार राज्यसभा में 99 के आंकड़े पर पहुंच जाएगी।

By Jagran News Edited By: Sonu Gupta Published: Tue, 11 Jun 2024 10:00 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 10:00 PM (IST)
उच्च सदन में भाजपा सदस्यों की संख्या हो जाएगी सौ, एनडीए 120 । फाइल फोटो।

अरवद शर्मा, नई दिल्ली। लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी एनडीए जल्द ही बहुमत के आंकड़े को प्राप्त करने वाला है। लोकसभा चुनाव में उच्च सदन के सदस्यों की जीत के कारण दस सीटें रिक्त हो गई हैं। राज्यसभा सचिवालय ने खाली पदों को मंगलवार को अधिसूचित कर दिया है। जल्द ही इन पर चुनाव कराए जाएंगे।

रिक्त सीटों में सात सत्ता पक्ष के हिस्से की हैं, जबकि तीन विपक्ष की हैं। इनमें दो कांग्रेस और एक राजद की सीट है। सभी रिक्त सीटें विभिन्न राज्यों के विधानसभा कोटे की हैं, जो चुनाव के बाद सत्ता पक्ष के खाते में आ जाएंगी। यहां तक कि राजस्थान से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल की सीट भी भाजपा के खाते में चली जाएगी। रिक्त सीटों में बिहार, महाराष्ट्र और असम की दो-दो हैं, जबकि त्रिपुरा, हरियाणा, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की एक-एक सीट है।

EC जल्द करा सकता है चुनाव

चुनाव आयोग कभी भी इन सीटों को भरने के लिए चुनाव की नई तिथियों की घोषणा कर सकता है। राज्यसभा में सदस्यों की कुल संख्या 250 होती है। इनमें 238 को विभिन्न राज्यों के विधानसभा सदस्यों द्वारा चुना जाता है और 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं।

मनोनयन में कला, साहित्य, ज्ञान और सामाजिक सेवाओं में सक्रिय योगदान का ध्यान रखा जाता है। कुछ सीटों के पहले से खाली होने के चलते चार जून तक राज्यसभा में 240 सदस्य थे। दस सीटों के रिक्त होने के बाद वर्तमान में यह संख्या 230 पर आ गई है। इनमें भाजपा के 90 सदस्य हैं। इनमें पांच मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं।

110 है एनडीए के सदस्यों की संख्या

मालूम हो कि एनडीए के सदस्यों की संख्या अभी 110 है। दस सीटों पर चुनाव के बाद राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या फिर से 240 हो जाएगी और एनडीए के सदस्यों की संख्या 120 पहुंच जाएगी। भाजपा पहली बार राज्यसभा में 99 के आंकड़े पर पहुंच जाएगी।

लोकसभा में भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है, किंतु राज्यसभा में सत्ता पक्ष अबतक बहुमत के आंकड़े से दूर रहा है। इसके चलते महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा से तो पारित हो जाते थे, लेकिन राज्यसभा में लटक जाते थे। इसके लिए अक्सर तटस्थ दलों का सहारा लेना पड़ता था। अब निर्वाचन के बाद एनडीए के पास दोनों सदनों में पर्याप्त बहुमत हो सकते हैं।

क्या है नियम?

नियमों के मुताबिक, बीच में खाली हुई सीटों के लिए निर्वाचन आयोग एकल चुनाव कराता है। इस प्रक्रिया के तहत अगर किसी राज्य में दो या दो से अधिक सीट भी खाली हुई है तो उनका चुनाव अलग-अलग कराया जाता है। इससे संख्या के आधार पर बहुमत वाले दल या गठबंधन की ही जीत तय मानी जाती है।

जिनकी सीटें खाली हुईं-

  • असम - कामाख्या प्रसाद तासा और सर्बानंद सोनोवाल
  • बिहार - मीसा भारती और विवेक ठाकुर
  • महाराष्ट्र - उदयनराजे भोंसले और पीयूष गोयल
  • हरियाणा - दीपेंद्र सिंह हुड्डा
  • मध्य प्रदेश - ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • राजस्थान -केसी वेणुगोपाल
  • त्रिपुरा - बिप्लब कुमार देब

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