नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिस वालों के बीच हुई हिंसक झड़प और मुख्यालय पर पुलिस के धरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश अमल करने को कहा है।

मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को

जस्टिस अरुण मिश्रा ने कुछ वकीलों की याचिका की सुनवाई की जिसमें धरने पर बैठे पुलिस अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले पर समानांतर सुनवाई नहीं कर सकती है, जिस मामले में हाईकोर्ट भी सुनवाई कर रहा है। खंडपीठ में जस्टिस इंदिरा बनर्जी भी शामिल हैं, जिन्होंने कहा कि वह जानना चाहती हैं कि इस मुद्दे को देख रहे हाईकोर्ट ने मामले में क्या आदेश दिया है।

खंडपीठ ने याचिकाकर्ता वकील जीएस मणि को बताया कि हम आपकी याचिका अभी खारिज नहीं कर रहे हैं। आप हाईकोर्ट के आदेश हमारे सामने रखें। हम जानना चाहते हैं कि हाईकोर्ट ने क्या किया है और क्या कुछ और भी करने की जरूरत है। खंडपीठ इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को करेगी।

दो नवंबर को हुई थी वकीलों और पुलिस के हिंसक वारदात

उल्लेखनीय है कि विगत दो नवंबर को तीस हजारी कोर्ट परिसर में पार्किग विवाद को लेकर वकीलों और पुलिस कर्मियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस घटना में कम से कम बीस पुलिस अफसर घायल हुए थे। कुछ वकील भी घायल हुए थे। पुलिस वाहनों समेत कुल 17 वाहनों को आग लगा दी गई थी। हिंसा के दो दिन बाद वकीलों ने दिल्ली की छह जिला अदालतों में हड़ताल कर दी थी जो 15 नवंबर को वापस ली गई थी। जबकि पांच नवंबर को पुलिस अफसरों ने अपने मुख्यालय में हमले के विरोध में 11 घंटे तक धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मीडिया रिपोर्टो के आधार पर घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए थे। मामले की जांच पूर्व जस्टिस एसपी गर्ग करेंगे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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