नई दिल्ली, हरिकिशन शर्मा। देश की राजधानी दिल्ली को साफ बनाने के लिए नीति आयोग एक्शन प्लान कर रहा है। आयोग ने बुधवार को इसी सिलसिले में आला अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में इस बात पर विचार किया कि देश की राजधानी के साथ-साथ बाकी शहरों को किस प्रकार से साफ रखा जाए। इसके लिए इंदौर जैसे साफ-सुथरे शहरों के अनुभवों से सीख भी ली जाएगी।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली की सभी नगर निगमों के आयुक्त और शहरी विकास मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ ही इंडियन आयल कारपोरेशन, एनटीपीसी व रॉयल डच शेल कंपनी के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में दिल्ली के साथ ही देश के प्रमुख शहरों को साफ बनाने की रणनीति पर विचार किया। बैठक में देश के सबसे साफ शहर इंदौर, पुणे, बेंगलुरु और अंबिकापुर में सफाई कार्यक्रम की सफलता के बारे में प्रेजेंटेशन भी किया गया। बैठक में शामिल तकनीकी साझीदारों-एनटीपीसी और आइओसी ने शहरों को साफ रखने के लिए उपयुक्त तकनीक के बारे में सुझाव दिए।

कांत ने दैनिक जागरण से कहा कि अगली बैठक चुनाव के बाद होगी जिसमें छह राज्यों की नगर निगमों के अधिकारियों को बुलाकर एक साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में भी उन शहरों के अनुभवों को साझा किया जाएगा जहां स्वच्छता के लिहाज से नए प्रयोग हुए हैं और जो सफल रहे हैं। आयोग की कोशिश शहरों में सफाई के अभियान को जन आंदोलन बनाने की है।

उन्होंने कहा कि जबतक एक तंत्र नहीं बनेगा, हमारे शहर साफ नहीं होंगे। हमें घर पर ही कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालने और उसके बाद इससे मैथनॉल जैसी चीजें बनाने की तकनीक अपनानी होगी।

इस बीच सूत्रों का कहना है कि जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण आम बजट में शहरों की सफाई के लिए विशेष राशि आवंटित की जा सकती है। माना जा रहा है कि इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय को विशेष धनराशि आवंटित की जाएगी।

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Posted By: Dhyanendra Singh