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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जरूर पढ़िए- गर्मियों को लेकर मौसम विभाग की यह चौंकाने वाली भविष्यवाणी

By JP YadavEdited By:
Published: Sat, 02 Mar 2019 10:45 AM (IST)Updated: Mon, 04 Mar 2019 08:29 AM (IST)

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक देश भर के कुछ हिस्सों को छोड़कर मार्च से मई के बीच उत्तर भारत में तापमान सामान्य ही रहेगा।

जरूर पढ़िए- गर्मियों को लेकर मौसम विभाग की यह चौंकाने वाली भविष्यवाणी
जरूर पढ़िए- गर्मियों को लेकर मौसम विभाग की यह चौंकाने वाली भविष्यवाणी

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। weather forecast पिछले साल बेतहाशा गर्मी से जूझने वाले दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। इस बार गर्मी के मौसम के दौरान मार्च से लेकर मई महीने तक दिल्ली समेत उत्तर भारत में औसत तापमान सामान्य ही रहेगा। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, देश भर के कुछ हिस्सों को छोड़कर मार्च से मई के बीच उत्तर भारत में तापमान सामान्य ही रहेगा। वहीं, देश के उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण में पश्चिमी तट पर तापमान औसत से अधिक रहने की संभावना है।

मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली से बेहद करीब पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मार्च से मई तक सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस तक तापमान ज्यादा रह सकता है, जबकि हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, कोंकण, गोवा, कोस्टल कर्नाटक, केरल और अरुणाचल प्रदेश में मौसम 0.5 से 1 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो सकता है।

वहीं, कोर हीट वेव जोन में शामिल राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिसा और तेलंगाना के अलावा मराठावाड़ा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश को तटीय क्षेत्र आते हैं। यहां पर मार्च से मई के बीच तापमान सामान्य से अधिक होने की संभावना तकरीबन 37 फीसद है।

...इसलिए प्रभावित होता है मौसम

यहां पर बता दें कि भूमध्य रेखा के आस-पास प्रशांत क्षेत्र में अल-नीनो का प्रभाव रहता है. इसमें प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है जिससे पूरे एशिया और पूर्वी अफ्रीका में मौसम पर प्रभाव पड़ता है। इसके चलते यह भारत में मानसूनी बारिश पर प्रभाव डालता है।

बता दें कि वर्ष 2018 में गर्मी ने लोगों को बेहद परेशान किया था, वहीं आंधियों के चलते उत्तर भारत के राज्यों में तकरीबन 500 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें यूपी में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 

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