जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जैसे-जैसे निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने की तिथि नजदीक आ रही है, जेल प्रशासन इनके रिकॉर्ड को खंगाल रहा है ताकि इनकी एक अंतिम फाइल तैयार की जा सके। सूत्रों की मानें तो दोषी अक्षय ने जेल में मेहनताना के रूप में 69 हजार रुपये कमाए हैं। वहीं, चारों दोषियों द्वारा किए गए गलत आचरण पर समय-समय पर नियमों के अनुसार दोषियों को दंडित किया जाता रहा है। इनमें सबसे कम अक्षय को एक बार, मुकेश को तीन बार, पवन को आठ बार और सबसे अधिक विनय को 11 बार जेल प्रशासन गलत आचरण पर दंड दे चुका है।

जेल सूत्रों का कहना है कि दोषियों में मुकेश ऐसा है जिसने जेल में कोई काम नहीं किया है। अक्षय, पवन और विनय ने जेल में समय-समय पर कार्य किए। इस एवज में इन्हें जेल प्रशासन की ओर से मेहनताना भी दिया गया।

सभी ने मिलकर कमाए लाखों रुपये

सूत्रों का कहना है कि अक्षय ने करीब 69 हजार रुपये बतौर मेहनताना कमाए। वहीं पवन ने 29 हजार तो विनय ने करीब 39 हजार रुपये कमाए। कैदियों की कमाई को जिस खाते में रखा जाता है, उसे कैदी कल्याण खाता कहा जाता है। इस खाते में जमा रुपयों का दोषी क्या करेंगे, इस बाबत इन्होंने जेल प्रशासन से अभी तक कुछ नहीं कहा है।

जेल सूत्रों का कहना है कि ये जिस व्यक्ति के खाते में रुपये जमा करने को कहेंगे, उसके खाते में उतने पैसे डाल दिए जाएंगे। ये चाहें तो ये पैसे खुद भी खर्च कर सकते हैं। यदि इन्होंने कुछ नहीं कहा तो फांसी के बाद इनके पैसे पर परिजनों का हक होगा। जेल सूत्रों का कहना है कि जल्द ही जेल प्रशासन इस बाबत दोषियों से बात करेगा।

पढ़ाई-लिखाई में फिसड्डी

जेल सूत्रों के अनुसार, 2016 में मुकेश, पवन व अक्षय ने ओपन स्कूल में दसवीं कक्षा में दाखिला लिया था। परीक्षा भी दी थी, लेकिन ये उत्तीर्ण नहीं हो सके। इसी तरह विनय ने बीए में दाखिला कराया, लेकिन इसकी पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई।

Posted By: Dhyanendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस