जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन और छात्र संघ में एक बार फिर ठन गई है। गुरुवार को जेएनयू प्रशासन द्वारा बीते मानसून सेमेस्टर 2019 की अकादमिक गतिविधि के मामले में अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक बुलाई गई थी।

अकादमिक परिषद की बैठक में छात्र संघ के प्रतिनिधि नहीं बुलाए गए

जेएनयू छात्र संघ ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बैठक अवैध तरीके से आयोजित की गई थी। साथ ही बैठक में छात्र संघ के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया। इसके साथ ही इसमें बीते मानसून सेमेस्टर की वॉट्सएप माध्यम से ली गई परीक्षाओं को मान्य करार कर दिया गया। दरअसल, दिसंबर में जेएनयू प्रशासन ने ऑनलाइन माध्यम से सेमेस्टर की परीक्षाओं का आयोजन किया था।

छात्र संघ ने जेएनयू प्रशासन को दी फिर आंदोलन की चेतावनी

छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि प्रशासन इसी तरह से तानाशाही रवैया अपनाता रहा तो छात्र फिर से आंदोलन को बाध्य होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्र संघ राजनीतिक और कानूनी तौर पर लड़ाई लड़ेगा।

जेएनयू प्रशासन ने छात्र संघ के आरोपों का किया खंडन

वहीं, जेएनयू प्रशासन ने छात्र संघ के आरोपों का खंडन किया है और इसे गलत बताया है। जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा है कि विश्वविद्यालय में अकादमिक गतिविधियां लौट रही हैं। छात्रों ने नए शीतकालीन सेमेस्टर के लिए पंजीकरण करा लिया है। कई छात्रों की बीते मानसून सेमेस्टर की परीक्षाएं भी हो चुकी हैं। अब इनकी कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। छात्र अपने शोध कार्य में लग गए हैं। छात्र संघ के सभी आरोप गलत हैं। एसी की बैठक को नियम अनुसार ही बुलाया गया।

जामिया हिंसा मामले में पीएफआइ सदस्य से पूछताछ

जामिया इलाके में गत दिनों नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने शुक्रवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) के एक सदस्य से करीब दो घंटे पूछताछ की। पुलिस को फंडिंग को लेकर पीएफआइ के 21 सदस्यों से पूछताछ करनी है। शुक्रवार को दो सदस्यों को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के चाणक्यपुरी स्थित कार्यालय में बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ एक शख्स ही पहुंचा। दूसरे ने किसी जरूरी काम का हवाला देकर अन्य दिन जांच में शामिल होने की बात कही है। छानबीन में पता चला कि प्रदर्शनकारियों के मुख्य समूह को अलग-अलग श्रोतों से रुपये भेजे गए। हालांकि यह अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सका है कि प्रदर्शनकारियों को किसने और किस माध्यम से फंडिंग की।

जेएनयू के शोध छात्र शरजील इमाम से पूछताछ

पुलिस ने देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार जेएनयू (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय) के शोध छात्र शरजील इमाम से पूछताछ की। वहीं उसके नजदीकी 15 लोगों से भी पूछताछ की गई। पूछताछ में पुलिस को जामिया ¨हसा के दौरान कुछ खातों में संदिग्ध रकम की लेन-देन का पता चला था। उसी वक्त से पुलिस रुपये के श्रोत की जांच में जुटी है।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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