पलवल, संजय मग्गू। दिल्ली, गाजियाबाद व पलवल के बीच चलने वाले शटल ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के सफर को रेलवे ने सुहाने व आरामदायक सफर बनाने की तैयारी कर ली है। इस सेक्शन में चलने वाली 26 शटल ट्रेनों में अत्याधुनिक व सुविधाओं से सुसज्जित कोच लगाए जाएंगे, जिससे इस सेक्शन पर चलने वाले हजारों दैनिक यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे। फिलहाल चार ट्रेनों में ट्रायल शुरू हो चुका है तथा रेलवे विभाग सभी ट्रेनों के नए कोच के साथ एक अक्टूबर से चलाने की योजना पर कार्य कर रहा है।

चेन्नई स्थित देश की सबसे पुरानी कोच फैक्टरी इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आइसीएफ) में इन नए कोचों को बनाया गया है। यात्रियों की सुविधाजनक सफर के लिए यह बदलाव किया गया है। गुलाबी रंग की ट्रेन में महिला सुरक्षा के मद्देनजर 12 डिब्बों वाली ट्रेन में दो महिला कोच होंगे जिन्हें कि सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है। मेट्रो की तरह हर स्टेशन पर ट्रेन के कोच में अनाउंसमेंट की सुविधा मिलेगी, इसके अलावा एलईडी स्क्रीन पर अगले आने वाले स्टेशन की भी जानकारी दी जाएगी। ट्रेन में दोनों तरफ कोच में आधे-आधे डिब्बे दिव्यांगों की सुविधार्थ बनाए गए हैं।

चीफ लोको इंस्पेक्टर किशन कुमार बताते हैं कि नई तकनीक की वजह से रफ्तार भी 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी। इस समय इस रूट पर जो शटल ट्रेनें चल रही हैं, वे सिंगल फेज मोटर की हैं जो अधिकतम 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। ट्रेन में वेंटिलेशन की ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे डिब्बे के अंदर हवा का बराबर सर्कुलेशन बना रहेगा। ट्रेन में मौजूद सारे कोच में स्टेनलेस स्टील की सीट लगाई गई हैं।

इन ट्रेनों में जोड़े जा रहे हैं रैक

  • 64906 गाजियाबाद- पलवल शटल
  • 64053 पलवल-गाजियाबाद
  • 64016 शकूरबस्ती-पलवल
  • 64061 पलवल-नई दिल्ली
  • 64064 दिल्ली-पलवल
  • 64019 पलवल-शकूरबस्ती
  • 64908 शकूरबस्ती-बल्लभगढ़
  • 64071 बल्लभगढ़-शकूरबस्ती
  • 64082 नई दिल्ली-पलवल
  • 64051 पलवल-गाजियाबाद
  • 64901 कोसीकलां-गाजियाबाद
  • 64902 गाजियाबाद-कोसीकलां
  • 64073 कोसीकलां-नई दिल्ली
  • 64074 नई दिल्ली-पलवल
  • 64904 गाजियाबाद-मथुरा
  • 64903 मथुरा-गाजियाबाद
  • 64012 शकूरबस्ती-पलवल
  • 64013 पलवल-शकूरबस्ती
  • 64062 दिल्ली-बल्लभगढ़
  • 64055 पलवल-गाजियाबाद
  • 64052 गाजियाबाद-पलवल
  • 64015 पलवल-शकूरबस्ती
  • 64910 शकूरबस्ती-मथुरा
  • 64905 मथुरा-नई दिल्ली
  • 64078 नई दिल्ली-पलवल
  • 64057 पलवल-गाजियाबाद

ब्रेक लगाने पर भी बनेगी बिजली

ट्रेन को इस तरह से बनाया गया है कि जब लोको पायलट ट्रेन की ब्रेक लगाएगा तो ट्रेन में ब्रेक लगाने के दौरान खर्च होने वाली एनर्जी बिजली में तब्दील हो जाएगी। ट्रेन में मौजूद रि-जनरेटिंग सिस्टम के जरिए यह बिजली वापस पैंटोग्राफ के माध्यम से पावर ग्रिड में चली जाएगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नई शटल ट्रेन में लोको पायलट और गार्ड का केबिन डिजिटल होगा तथा इसे वातानुकूलित बनाया गया है। यदि ट्रेन में कहीं कोई खराबी आती है तो लोको पायलट को केबिन से उतरकर आने जाने की जरूरत नहीं होगी। केबिन में ही बैठकर सामने लगे स्क्रीन पर ट्रेन की समस्या पता चल जाएगी तथा उसे पायलट वहीं से ही ठीक कर लेगा।

Posted By: Nitin Arora

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