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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Road accidents in India: 2020 में Over Speeding के कारण सबसे अधिक मौतें हुईं, जानिए पूरे आंकड़े

By Shashank MishraEdited By:
Published: Tue, 06 Sep 2022 07:45 PM (IST)

2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। वर्ष 2020 के ...और पढ़ें

2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई।
2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई।

नई दिल्ली, एजेंसी। सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में कहा कि तेज गति से वाहन चलाना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य यातायात नियमों का उल्लंघन है। 'भारत में सड़क दुर्घटनाएँ - 2020' शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, 11 प्रतिशत से अधिक मौतें और चोटें सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण हुईं, जबकि 30.1 प्रतिशत मौतें और 26 प्रतिशत घायल होने के कारण हुई।इसमें कहा गया है कि 2020 के दौरान सीट बेल्ट नहीं पहनने के कारण मारे गए  लोगों की संख्या 15,146 और घायल लोगों की संख्या 39,102 थी।

ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल बना हजारों लोगों की मौत का कारण

कैलेंडर वर्ष 2020 के दौरान भारत में अधिक गति के कारण कुल 2,65,343 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिससे 91,239 मौतें हुईं, जबकि 20,228 सड़क दुर्घटनाएँ गलत दिशा में गाड़ी चलाने के कारण हुईं, जिसमें 7,332 लोगों की जान चली गई। रिपोर्ट के अनुसार, 8,355 सड़क दुर्घटनाओं और 3,322 मौतों के लिए शराब पीकर गाड़ी चलाना जिम्मेदार था। जबकि 6,753 सड़क दुर्घटनाएं ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हुईं, जिससे 2,917 मौतें हुईं।

जबकि रिपोर्ट में कहा गया था कि किसी भी यातायात नियम का उल्लंघन मानवीय त्रुटि या चालक की गलती है। इसने यह भी दावा किया था कि मोटर वाहन संशोधन अधिनियम (MVA) 2019 के कार्यान्वयन ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में योगदान दिया। रिपोर्ट में कहा गया है, "MVAअधिनियम 2019 में अन्य बातों के साथ-साथ यातायात उल्लंघन के लिए दंड में कठोर वृद्धि ​​किशोर ड्राइविंग के लिए बढ़ाए गए दंड आदि जैसे प्रावधान शामिल हैं और इसके कार्यान्वयन ने वांछित प्रभाव प्राप्त करने में सक्षम बनाया है।"

NCRB के अनुसार 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में गई सबसे अधिक जान 

हालांकि पिछली सीटों पर बैठे यात्रियों द्वारा सीट बेल्ट नहीं पहनने पर केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) के नियम 138 (3) के तहत 1,000 रुपये का जुर्माना लगता है, लेकिन ज्यादातर लोग या तो इस अनिवार्य नियम से अनजान हैं या बस उन्हें अनदेखा कर देते हैं। यहां तक ​​कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पीछे की सीटों पर बैठे यात्रियों पर शायद ही कभी जुर्माना लगाते हैं।

यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए, सड़क यातायात शिक्षा संस्थान (IRTE) के अध्यक्ष रोहित बलूजा ने कहा कि सड़क यातायात उल्लंघन मोटर वाहन ड्राइविंग विनियमों के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम, केंद्र और राज्य के प्रावधानों का उल्लंघन है। बलूजा ने कहा कि IRTE द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चला है कि भारतीय सड़क की स्थिति में, दोषपूर्ण सड़क वातावरण, गैर-मानक और दोषपूर्ण यातायात नियंत्रण उपकरणों के कारण ड्राइवरों द्वारा उल्लंघन का एक बड़ा प्रतिशत किया जाता है।

उन्होंने कहा कि IRTE में किए गए अध्ययनों के अनुसार, पुलिस के जांच अधिकारी आमतौर पर ड्राइविंग नियमों और मोटर वाहन अधिनियम/नियमों के प्रावधानों से अवगत नहीं होते हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य कमल सोई ने दावा किया कि एक प्रतिशत से भी कम वाहन चालक जो अधिक गति पर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, उन्हें दंडित किया जाता है, जबकि नशे में गाड़ी चलाने के मामले में यह 0.5 प्रतिशत से भी कम है।

उन्होंने कहा कि पकड़े जाने का डर भारतीय आबादी में बिल्कुल नहीं है।

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई । औसतन 426 दैनिक या हर एक घंटे में 18 जो अब तक किसी भी कैलेंडर वर्ष में दर्ज की गई सबसे अधिक मौत का आंकड़ा है।