नई दिल्ली। बाल श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और कम उम्र में बच्चों को मजदूरी के लिए मजबूर करने जैसी घटनाओं पर विराम लगाने के लिए बालश्रम आयु सीमा 14 से बढ़ाकर 18 साल करने की मांग उठने लगी है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बालश्रम की आयु सीमा बढ़ाने समेत कई सिफारिशें की हैं।

बालश्रम निषेध दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में एनसीपीसीआर के अलावा बच्चों के अधिकारों से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आइएलओ) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। एनसीपीसीआर ने इसमें बालश्रम पर रोक लगाने वाले कानूनी ढांचे पर जोर देते हुए बाल मजदूरों की सही संख्या का आंकड़ा जुटाने के लिए आधारभूत सर्वेक्षण की आवश्यकता की बात कही। आयोग ने बाल मजदूरी पर नियंत्रण लगाने के लिए बालश्रम की आयु सीमा 14 से बढ़ाकर 18 साल करने की भी मांग की ताकि बच्चों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाया जा सके।

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