राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे उस महिला के साथ अपना विवाद कोर्ट के बजाय मध्यस्थ के जरिये सुलझाना चाहते हैं, जिससे संबंध होने का दावा खुद उन्होंने सार्वजनिक रूप से किया था। हाल ही में इस महिला की छोटी बहन ने मुंडे पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसने अपना आरोप वापस भी ले लिया था।

मुंडे ने महिला को तस्वीरें पोस्ट करने से रोकने के लिए हाई कोर्ट में दाखिल की थी अर्जी

राकांपा नेता मुंडे पिछले कुछ दिनों से अपने निजी कारणों से चर्चा में हैं। बीते दिसंबर में उन्होंने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर एक महिला को अपने निजी वीडियो एवं तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने से रोकने की अपील की थी। मुंडे का दावा था कि उक्त महिला ऐसी कई तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर चुकी है।

हाई कोर्ट ने महिला को धनंजय मुंडे से संबंधित तस्वीरें पोस्ट करने से रोक दिया था

हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर को अंतरिम आदेश पारित कर उक्त महिला को धनंजय मुंडे से संबंधित तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने से रोक दिया था। उसके बाद ही जनवरी के दूसरे सप्ताह में महिला की छोटी बहन ने मुंडे पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

मुंडे ने सार्वजनिक रूप से किया था महिला के साथ संबंध होने का दावा

इसके बाद न सिर्फ मुंडे के राजनीतिक करियर पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, बल्कि उन्हें सार्वजनिक बयान देकर स्वीकार करना पड़ा था कि उनके संबंध शिकायत करने वाली महिला से नहीं, बल्कि उसकी बड़ी बहन से हैं। उससे उनके दो बच्चे भी हैं, जिन्हें स्कूल में उन्होंने अपना नाम भी दिया है और उनके नाम पर अचल संपत्तियां भी खरीदी हैं। उनकी इस स्वीकारोक्ति के कुछ दिन बाद ही आरोप लगाने वाली महिला ने पुलिस को हलफनामा देकर शिकायत वापस ले ली।

दोनों पक्ष विवाद को कोर्ट के बजाय मध्यस्थ के सामने सुलझाना चाहते हैं

गुरुवार को हाई कोर्ट में धनंजय मुंडे की अर्जी पर सुनवाई के दौरान उनके एवं उनसे संबंधित महिला के वकील ने न्यायमूर्ति एके मेनन से कहा कि अब दोनों पक्ष अपना विवाद कोर्ट के बजाय किसी मध्यस्थ के सामने सुलझाना चाहते हैं।

मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ताहिलरमानी होंगे मध्यस्थ

दोनों पक्षों ने मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वीके ताहिलरमानी को मध्यस्थ बनाने के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। न्यायमूर्ति मेनन ने दोनों पक्षों की अर्जी स्वीकार करते हुए मध्यस्थ से पहली बैठक तय करने का आग्रह किया। इस बीच, धनंजय मुंडे को हाई कोर्ट द्वारा दिसंबर में दी गई अंतरिम राहत भी अगले आदेश तक जारी रहने का निर्देश दिया।

मुंडे ने राजनीतिक संकट टालने के लिए सभी मामले निपटाने का लिया फैसला 

बता दें कि उक्त दोनों महिलाओं के साथ विवाद सार्वजनिक होने के बाद मुंडे पर राजनीतिक हमले भी तेज हो गए थे। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने चुनाव आयोग से भी उनकी शिकायत करते हुए उनका चुनाव रद करने की मांग की थी। माना जा रहा है कि राजनीतिक संकट टालने के लिए ही मुंडे ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला एवं उसकी बड़ी बहन (जिससे मुंडे ने अपने संबंध का दावा किया है) के साथ सभी मामले निपटाने का फैसला किया है।

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