सुनेत्रा अध्यक्ष बनीं, बेटे पार्थ-जय को भी मिला प्रमोशन और हाशिए पर टॉप लीडर... पवार परिवार के हाथों NCP की पावर
सुनेत्रा पवार के चुनाव आयोग को लिखे पत्र से एनसीपी में विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के संगठनात्मक पदों का उल्लेख नहीं था।

पवार परिवार के हाथों में एनसीपी की पावर। (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को लिखे पत्र से उपजे विवाद के बाद उन्होंने और उनके बेटों पार्थ और जय ने सुनील तटकरे से संपर्क किया है और उनसे मुलाकात का समय मांगा है। इस पत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के संगठनात्मक पदों का जिक्र नहीं था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस मामले को स्पष्ट करने के लिए अगले कुछ दिनों में एक बैठक होने की संभावना है। 29 अप्रैल को भेजे गए इस पत्र पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के हस्ताक्षर थे और इसमें पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की सूची शामिल थी। इस पत्र में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में, जबकि पार्थ पवार को महासचिव और जय पवार को राष्ट्रीय सचिव के रूप में नामित किया गया था।
क्या एनसीपी के टॉप लीडर को कर दिया गया किनारे?
हालांकि, कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का जिक्र केवल राज्यसभा नेता के रूप में किया गया था। इसी तरह, एनसीपी महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का जिक्र केवल लोकसभा नेता के रूप में किया गया था। उनके संगठनात्मक पदों का जिक्र न होने से इस बात को लेकर अटकलें तेज हो गईं कि क्या इन दोनों नेताओं को उनके पदों से हटा दिया गया है।
सुनेत्रा पवार ने क्या कहा?
चल रहे विवाद का जवाब देते हुए सुनेत्रा पवार ने एक्स पर कहा कि चुनाव आयोग को सौंपी गई सूची में कुछ तकनीकी गलतियां थीं और उन्होंने स्पष्ट किया कि इन गलतियों को जल्द ही सुधार लिया जाएगा। पार्टी ने चुनाव आयोग को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के 22 सदस्यों के नाम सौंपे हैं।
इससे पहले वाले पत्र में भी नहीं था पटेल और तटकरे का जिक्र
वरिष्ठ राजनेता छगन भुजबल और दिलीप वलसे-पाटिल को कार्यकारिणी समिति की सूची में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें कोई विशिष्ट संगठनात्मक पद नहीं सौंपा गया है। यह दूसरा ऐसा मौका है जब पटेल और तटकरे के पदों का जिक्र नहीं किया गया है। 10 मार्च को जब सुनेत्रा पवार ने पार्टी अध्यक्ष के तौर पर अपने चुनाव के बारे में चुनाव आयोग को पत्र लिखा था, तब भी उन्होंने इन दोनों के पदों का जिक्र नहीं किया था।
उन्होंने 14 पदाधिकारियों की एक सूची भेजी थी, जिसमें उन्होंने केवल अपने पद (पार्टी अध्यक्ष) और शिवाजीराव गर्जे के पद (कोषाध्यक्ष) का जिक्र किया था। उस पत्र में बाकी लोगों के पदों का कोई जिक्र नहीं था, जिनमें पटेल, तटकरे और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल शामिल थे।
