विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

2004 में बंदूक की नोक पर 75 मिनट तक लूटी गई थी ट्रेन, अब पीड़ित परिवार को रेलवे देगा मुआवजा

Published: Tue, 29 Sep 2026 04:03 PM (IST)

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने 2004 में अवध-असम एक्सप्रेस में हुई डकैती के मामले में रेलवे को सेवा ...और पढ़ें

NCDRC ने 2004 की ट्रेन डकैती में रेलवे को दोषी ठहराया। (फोटो-AI जेनरेटेड)

NCDRC ने 2004 की ट्रेन डकैती में रेलवे को दोषी ठहराया। (फोटो-AI जेनरेटेड)

HighLights

  1. NCDRC ने 2004 की ट्रेन डकैती में रेलवे को दोषी ठहराया।

  2. रेलवे को पीड़ित यात्री को 20,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश।

  3. सुरक्षा में कमी और लापरवाही के लिए रेलवे पर जुर्माना लगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेन में आरक्षित टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानि NCDRC ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

आयोग ने यह फैसला 2004 में अवध-असम एक्सप्रेस में हुई डकैती के मामले में सुनाया है। आयोग ने इस मामले में रेलवे को सेवा में कमी का दोषी ठहराया और पीड़ित यात्री को 20,000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

एक्सप्रेस ट्रेन में 2004 में क्या हुआ था?

26 अगस्त 2004 को यूपी के बरेली के रहने वाले मिस्टर सिंह अपनी बेटी के साथ अवध-असम एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में हापुड़ से गुवाहटी की यात्रा कर रहे थे।

28 अगस्त 2004 को जब ट्रेन असम में बारपेटा और रंगिया स्टेशनों के बीच थी तभी देर रात करीब 3 बजे से सुबह 4:15 बजे के बीच 6-7 हथियारबंद लुटेरे स्लीपर कोच में घुस आए।

लुटेरों ने बंदूक की नोक पर यात्रियों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया और लगभग एक सवा घंटे में कई यात्रियों से नकदी, गहने और अन्य कीमती सामान लूट लिए। रंगिया स्टेशन से ठीक पहले, लुटेरों ने ट्रेन रोकने के लिए इमरजेंसी चेन खींची और लूटे हुए सामान के साथ भाग गए।

मिस्टर सिंह ने लुटेरों ने कुछ नकदी, एक टाइटन की घड़ी और गहने ले लिए। सिंह ने बताया कि उन्होंने 30 ग्राम सोने की चेन और 15 ग्राम वजन की सोने की तीन अंगूठियां पहनी हुई थीं।

उनकी बेटी ने 8 ग्राम वजन की सोने की बालियां और 30 ग्राम वजन की सोने की चार चूड़ियां पहनी हुई थीं। सिंह ने कहा कि 2004 की कीमतों के आधार पर लूटे गए सामान की कुल कीमत 59,725 रुपए थी।

सुरक्षा में भारी चूक और रेलवे की लापरवाही

मिस्टर सिंह ने बताया कि लूटपाट के दौरान सभी यात्री सो रहे थे और कोच में कोई अटेंडेंट या सुरक्षाकर्मी नहीं था। सुबह करीब सवा चार बजे जब लुटेरे ट्रेन से उतरे और ट्रेन रंगिया स्टेशन पहुंची तो मिस्टर सिंह ने बाकी यात्रियों के साथ मिलकर रंगिया GRPS और स्टेशन सुपरिटेंडेंट को लूटपाट की सूचना दी।

मिस्टर सिंह ने और अन्य यात्रियों ने कथित तौर पर लूटे हुए सामान का विवरण अलग से दर्ज किया और रंगिया GRP में IPC की धारा 395 (डकैती) के तहत केस दर्ज कराया।

पुलिस की जांच से नहीं थे खुश

मिस्टर सिंह इस जांच से खुश नहीं थे इसलिए उन्होंने 10 मार्च 2005 को उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कई उपभोक्ता आयोगों में लड़ाई जारी रखी और आखिरकार 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थिति राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में केस जीत गए। NCDRC के अध्यक्ष जस्टिस ए.पी. साही और सदस्य भरतकुमार पांड्या ने इस मामले की सुनवाई की।

मिस्टर सिंह को क्यों मिला 20 हजार का जुर्माना

काइंड स्टब एंड कासिवा के एसोसिएट पार्टनर अभिषेक बग्गा के मुताबिक जिस यात्री ने यह केस दायर किया था उन्हें 20,000 रुपये दिए गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि माननीय राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पाया कि रेलवे प्रशासन सेवा में कमी का दोषी था, क्योंकि वह आरक्षित कोच में यात्रा कर रहे यात्रियों को उचित सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करने में विफल रहा था।

क्या है रेलवे का नियम

रेलवे के आंतरिक नियमों के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे की बीच आरक्षित कोचों के दरवाजे बंद रहने चाहिए, जिसका पालन नहीं किया गया। साथ ही NCDRC ने गौर किया कि जब लुटेरे कोच में घुसे तो कोई TTE या RPF या सुरक्षा एस्कॉर्ट मौजूद नहीं था ।

मिस्टर सिंह की 22 साल की लड़ाई लाई रंग

मामले में पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी सबूतों के अभाव में आपराधिक अदालत से बरी हो चुके थे, लेकिन रेलवे ने ये बात मानी कि ट्रेन में डकैती हुई थी। आयोग ने स्पष्ट किया कि पीड़ित पक्ष लुटे गए सामान के बिल या सटीक सबूत पेश नहीं कर पाया है,

लेकिन रेलवे की सेवा में कमी, यात्रियों को हुई असुविधा और मानसिक प्रताड़ना के चलते रेलवे पीड़ित को 20 हजार का मुआवजा देगी जिसमें मुकदमें का खर्च भी शामिल है।

आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वो यह राशि दो महीने के अंदर चुकाए और ऐसा नहीं करने पर भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।

यह भी पढ़ें- त्योहारों पर रेलवे की सौगात: दिल्ली से कामाख्या के बीच चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन, बिहार के कई स्टेशनों पर ठहराव