जबलपुर [श्रवण शर्मा]। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ने से नक्सलियों की हलचल कम हुई है। दरअसल, जंगलों में डेरा डाले नक्सलियों पर भी कोरोना कहर बरपा रहा है। उनके विस्तार दलम की प्लाटून-दो के करीब नक्सली कोरोना की चपेट में हैं। इससे यहां सक्रिय छह नक्सली दलम के करीब दो सौ नक्सलियों में डर बढ़ गया है। उन्हें भी कोरोना से मौत का खौफ सता रहा है। हालांकि, वे अपने स्तर पर इलाज करा रहे हैं।

जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि जंगल में नक्सली हलचल कम होने से पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। यह समय नक्सलियों के लिए कैंप की तैयारी और वसूली का होता है। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि कोरोना से बीमार नक्सली गंभीर हुए तो डाक्टर तक जरूर पहुंचेंगे। ऐसे में नक्सली पुलिस और बीमारी से बचाव के उपाय खोज रहे हैं। अलबत्ता, नक्सलियों की राह में पुलिस घात लगाए हुए है। यही कारण है कि पिछले 15 दिन से जंगल में बसे गांवों में नक्सलियों की बैठकें भी बंद हो गई हैं। इन दिनों नक्सली न तो ग्रामीणों के बीच जा रहे हैं और न ही दलम की बैठक ले रहे हैं।

बालाघाट के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया, 'यदि कोई नक्सली कोरोना संक्रमित है और इलाज कराना चाहता है तो शासन की नीति के अनुसार समर्पण करने पर उसका इलाज कराने के साथ अन्य लाभ दिलाए जाएंगे।'

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