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महाराष्ट्र: आवारा कुत्तों से परेशान हो गए थे लोग, नगर पंचायत के ऑफिस में ही छोड़ दिए स्ट्रीट डॉग

Published: Thu, 17 Sep 2026 01:59 PM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 03:33 PM (IST)

नासिक में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में युवा सेना कार्यकर्ताओं ने निफाड़ नगर ...और पढ़ें

HighLights

  1. शिव सेना की युवा शाखा ने नासिक नगर पंचायत कार्यालय में छोड़े आवारा कुत्ते।

  2. प्रशासन की आवारा कुत्तों पर निष्क्रियता के खिलाफ था यह प्रदर्शन।

  3. बढ़ती आबादी और काटने की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन ने एक अनोखा मोड़ ले लिया है। युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने दो आवारा कुत्तों को नगर पंचायत कार्यालय लाकर मुख्य अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया।

नगर पंचायत के ऑफिस में छोड़े आवारा कुत्ते

युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने दो आवारा कुत्तों को नगर पंचायत के कार्यालय में लाकर छोड़ दिया। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें शिवसेना की युवा शाखा, युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे निफाड़ के नगर पंचायत कार्यालय में मुख्य अधिकारी धीरज भामरे की मेज पर कुत्तों को छोड़ते हुए नजर आ रहे हैं।

कार्यालय में लाने से पहले पिल्लों को छोटे बोरों में रखा गया था। आवारा कुत्तों को बोरे से छोड़े जाने के बाद वो थोड़े घबराए हुए लग रहे थे और मेज पर इधर-उधर भागते हुए नजर आ रहे थे।

आवारा कुत्तों की शिकायतों में लापरवाही के बाद प्रदर्शन

कार्यकर्ताओं ने ये विरोध प्रदर्शन इसलिए किया क्योंकि उनका आरोप था कि प्रशासन आवारा कुत्तों के बारे में बार-बार की जा रही शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।इस प्रदर्शन का मकसद निफाड़ शहर और उसके आस-पास आवारा कुत्तों के बारे में दर्ज शिकायतों की ओर ध्यान खींचना था।

प्रदर्शन कर रहे लोगों को दावा था कि आवारा कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्ग, महिलाओं और वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, 'आवारा कुत्तों ने कई लोगों को काटा है और प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।'

गणेशोत्सव के दौरान उठाया था मुद्दा

युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने गणेशोत्सव के दौरान ये मुद्दा उठाया था। रंधावे ने कहा था, 'आवारा कुत्तों की मौजूदगी से गणेश पंडालों में आने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया है।'उन्होंने तुरंत नसबंदी अभियान चलाने, कुत्तों को पकड़ने के उचित इंतजाम करने और आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के उपाय करने की मांग की।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

रंधावे ने नागरिक प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, ' कई दिनों से ये मुद्दा उठाए जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे नागरिक समस्याओं को हल करने के बजाय टेंडर प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं।'

रंधावे ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे और नागरिकों की मौजूदगी में चीफ ऑफिसर के ऑफिस में आवारा कुत्ते छोड़ देंगे।'

पहले हो चुके हैं अनोखे प्रदर्शन

ये पहली बार नहीं है जब आवारा कुत्तों को लेकर इस तरह का अनोखा प्रदर्शन नजर आया है। पिछले महीने, मध्य प्रदेश के खंडवा में भी ऐसा ही अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। वहां एक व्यक्ति कुत्ते को मास्क पहनाकर जनसुनवाई में लाया था, इसका मकसद नगर निगम के आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान में कथित गड़बड़ियों की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

खंडवा नगर निगम में विपक्ष के नेता दीपक "मुल्लू" राठौर ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या की ओर ध्यान खींचने के लिए यह प्रदर्शन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने आरोपो की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के लिए एक समिति बनाने का दावा किया था।

प्रशासन प्रदर्शन नहीं कर सकता नजरअंदाज

महाराष्ट्र के नासिक में हुए इस प्रदर्शन ने नागरिक समस्या से जुड़ी एक आम शिकायत को ऐसे स्थिति में ला दिया जिसे प्रशासन नजर अंदाज नहीं कर सकता है। इस प्रदर्शन ने आवारा कुत्तों की समस्या को सच में उनके ऑफिस के अंदर ही ला कर खड़ा कर दिया है।

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