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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यह 'दीवानगी' उगल सकती है कई राज, सत्संग में हुई थी मुलाकात

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Published: Thu, 05 Dec 2013 01:19 AM (IST)Updated: Thu, 05 Dec 2013 10:14 AM (IST)

देश के कोने-कोने में आसाराम के वांटेड बेटे नारायण साई और उसके कर्मफल का लेखा-जोखा तलाश रही पुलिस की सुई ...और पढ़ें

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मेरठ, जागरण संवाददाता। देश के कोने-कोने में आसाराम के वांटेड बेटे नारायण साई और उसके कर्मफल का लेखा-जोखा तलाश रही पुलिस की सुई मेरठ में आकर टिक गई है। पांच लाख के इनामी नारायण साई की गिरफ्तारी से लगभग साफ हो गया है कि आसाराम नेटवर्क के तार मेरठ से भी जुड़े हैं।

मौजूदा हाल में तमाम कुकर्मो का खुलासा होने के बाद ज्यादातर परम भक्त भी आसाराम के नाम से खौफ खा रहे हैं। ऐसे में मेरठ के प्रतिष्ठित उद्यमी दीवान परिवार की गाड़ी में नारायण का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। बहरहाल, विगत में आसाराम और दीवान परिवार के बीच अटूट संबंध से लेकर गिरफ्तारी तक अगर बारीकी से नजर दौड़ाई जाए तो कई राज पर्दाफाश हो सकते?

पढ़ें: यौन शोषण मामले में नारायण साई गिरफ्तार

हरियाणा नंबर की गाड़ी आई है

अजय दीवान के घर बाहर से आने वाली और बाहर जाने वाली गाड़ियों का पूरा रजिस्टर मेंटेन होता है। रजिस्टर में दिल्ली के दर्जनों चक्कर का जिक्र है वहीं हरियाणा से एक गाड़ी के अंदर प्रवेश करने का भी जिक्र रजिस्टर में किया गया है। इस गाड़ी का नंबर एचआर 07 एन 5355 है। यह गाड़ी किसकी है और इसमें कौन कब आया था, इसका कोई जिक्र नहीं है।

नारायण के लिए ही तो नहीं खरीदी गई थी इको?

जिस गाड़ी में नारायण साई और उसके साथी गिरफ्तार किए गए, उस इको स्पो‌र्ट्स को 14 अक्टूबर, 2013 को खरीदा गया था। रजिस्ट्रेशन 17 अक्टूबर को हुआ। बता दें कि इसी दरम्यान नारायण साई पुलिस से लुकाछिपी का खेल खेल रहा था। ऐसे में संभव है कि भक्त की ओर से अपने आराध्य के लिए यह व्यवस्था कराई गई हो। हालांकि अजय के वकील इस बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं।

सीसीटीवी खोल सकता है राज

भगोड़े घोषित किए गए नारायण साई को पनाह देने के आरोप झेल रहे दीवान परिवार की साकेत स्थित 70ए कोठी में लगे सीसीटीवी कैमरे सभी राज से पर्दा उठा सकते हैं। पिछले माह या डेढ़ माह में यहां कौन-कौन आया, कौन गया सारी जानकारियां सीसीटीवी उगल सकता है। इतना ही नहीं, नेहा की इको स्पो‌र्ट्स अंतिम बार इस कोठी से कब निकली? इसका भी खुलासा फुटेज से हो सकता है, लेकिन किसी भी जांच एजेंसी ने इस दिशा में बुधवार को कोई कदम नहीं उठाया। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज प्रभावित भी किए जा सकते हैं।

सत्संग में हुई थी रमेश से मुलाकात

अजय दीवान के छोटे भाई सचिन दीवान ने बताया कि उनके भाई-भाभी आसाराम के पहले से ही भक्त थे। रमेश से दीवान परिवार की मुलाकात सत्संग के दौरान ही हुई थी। उन्होंने अदालत में इसके लिए अर्जी भी डाल दी है। सवाल यह है कि पौने दो माह पहले खरीदी गई गाड़ी को कोई इस स्थिति में कैसे दे सकता है, जब आसाराम जेल में था और उसके बेटे नारायण साई की गिरफ्तारी पर पांच लाख का इनाम घोषित था। अजय के भाई विकास दीवान इस मामले में किसी भी बात से इन्कार कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि भाई के परिवार से उनका ज्यादा ताल्लुक नहीं है।

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