रायपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क पर पुलिस ने करारा प्रहार किया है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि पकड़े गए शहरी नेटवर्क के सदस्यों से मिले इनपुट के आधार पर संदिग्धों का डाटा तैयार किया गया है। इस डाटा के आधार पर बस्तर के सभी सात जिलों में सक्रिय अभियान चलाया जा रहा है। स्टेट इंटेलीजेंस ब्यूरो (एसआइबी) के आलाधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब एक हजार से ज्यादा संदिग्ध मददगारों की पहचान की गई है। बस्तर संभाग के छह जिलों में सप्लाई चेन है।

बड़ी संख्या में नक्सली गांव की ओर कर रहे रुख

एसआइबी के अनुसार ये लोग राशन, माचिस, जूते सप्लाई करने वाले हैं। बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इन दुकानदारों को कहां से सप्लाई होती है और कौन करता है, इसकी तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन में गाड़ियां बंद रहने के कारण नक्सलियों तक राशन नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण बड़ी संख्या में नक्सली गांव की ओर रुख कर रहे हैं। अब अंदरूनी इलाकों में खुफिया सूचना के आधार पर नक्सलियों पर प्रहार करने की तैयारी है।

कुछ दिन पहले ही अरुण ठाकुर को किया गया था गिरफ्तार

एक दिन पहले ही नक्सलियों को सप्लाई करने वाले और लेवी वसूलने वाले एक भाजपा नेता को पुलिस ने पकड़ा है। कांकेर के कोयलीबेड़ा में सक्रिय अरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया है। अरुण के बारे में पहले पकड़े गए शहरी नेटवर्क के आरोपियों ने जानकारी दी थी। इस जानकारी के आधार पर अरुण के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने 24 मार्च को नक्सलियों को सामान सप्लाई करने जा रहे तापस पालिक को पकड़ा था। इस मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन पुलिस को अब भी मास्टरमाइंड की तलाश है।

वहीं, दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की कांकेर पुलिस ने नक्सलियों के शहरी नेटवर्क से जुड़े दो और सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ब्लॉक पंचायत का सदस्य है और दूसरा नक्सली कमांडर का भाई था। 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस