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'मस्जिद के सामने से न ले जाएं गणेशोत्सव जुलूस', पुलिस के निर्देश के बाद कर्नाटक में सियासत तेज

Published: Sun, 13 Sep 2026 04:40 PM (IST)

मैसूर में गणेश उत्सव के जुलूस को मस्जिद के पास से न ले जाने के पुलिस निर्देश पर विवाद खड़ा हो गया है।

पुलिस ने गणेश उत्सव जुलूस को मस्जिद के पास से रोकने को कहा

पुलिस ने गणेश उत्सव जुलूस को मस्जिद के पास से रोकने को कहा

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के मौसूर में गणेश उत्सव के दौरान जुलूस निकलने वाले रास्ते को लेकर विवाद खा हो गया है। आरोप है कि गणेश उत्सव पर शोभायात्रा के आयोजकों से कहा है कि वे मस्जिद के पास से न गुजरें और पटाखा न फोड़े।

मैसूर में पुलिस के इस आदेश ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच फिर से टकराव पैदा कर दिया है; बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस 'हिंदू-विरोधी' है।

एक वायरल वीडियो में, टी. नरसीपुर इलाके में एक पुलिसकर्मी को आयोजकों से यह कहते हुए सुना गया, 'आपको उस रास्ते से नहीं जाना चाहिए। त्योहार ऐसा होना चाहिए जिससे दूसरे आपका सम्मान करें। लेकिन आप सब मस्जिद के सामने जाकर पटाखे फोड़ेंगे। अगर मैंने इस बार ऐसा होते देखा, तो मैं इससे निपटूंगा।'

बीजेपी ने बताया हिंदू-विरोधी' 

बीजेपी सांसद यदुवीर वाडियार ने पुलिस की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की है कि उन्होंने इसे 'हिंदू-विरोधी' बताया। उन्होंने कहा कि सड़कें सार्वजनिक संपत्ति हैं और कोई भी उनका इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा, 'अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए धार्मिक शोभायात्रा में मदद करनी चाहिए।'

बीजेपी सांसद ने कहा, 'हमने पहले भी ऐसी स्थिति देखी है। हमने पत्थरबाजी की घटनाएं देखी हैं। सरकार का व्यवहार ऐसा लग रहा है जैसे वह हिंदुओं और उनकी परंपराओं का अनादर कर रही हो। सभी सड़कें जनता की हैं।

हर किसी को त्योहार मनाने का पूरा अधिकार है। दूसरे यह तय नहीं कर सकते कि हम अपनी शोभायात्रा कहां ले जा सकते हैं। सिर्फ एक मस्जिद की वजह से हमारे त्योहारों का अनादर न करें।'

लोगों को परेशान कर रही कांग्रेस 

कर्नाटक बीजेपी विधायक और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी गणेशोत्सव मनाने को लेकर पूरे राज्य में लोगों को परेशान कर रही है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पुलिस जुलूस पर पाबंदियां लगा रही है, जबकि असल में गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

अशोक ने आज कहा, 'अगर हिंदुओं से कहा जा रहा है कि वे अपने ही देश में खुलकर और पूरी श्रद्धा के साथ गणेशोत्सव नहीं मना सकते, तो हम इस सरकार से क्या कहें? पटाखे न फोड़ें, शंख न बजाएं, बोलें नहीं - यह कैसा न्याय है?'

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को उस पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मद्दुर और कोलार में भी ऐसी ही पाबंदियां लगाई गई हैं।

अशोक ने कहा कि भगवान गणेश के जुलूसों पर तभी आपत्ति जताई गई जब वे मस्जिदों के पास से गुजरे, लेकिन चर्च, गुरुद्वारे, जैन मंदिरों या बौद्ध पूजा स्थलों के पास ऐसी कोई समस्या नहीं हुई।

डीके को बताया 'इलेक्शन हिंदू'

बीजेपी नेता ने कहा, 'अगर सिर्फ इसी जगह पर गड़बड़ी पैदा की जा रही है, तो कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि असामाजिक तत्व कौन हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार नकली हिंदुत्व को अपना रही है और मुख्यमंत्री को 'इलेक्शन हिंदू' कहा - यानी ऐसा व्यक्ति जो सिर्फ चुनावों के दौरान ही मंदिरों में जाता है।

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