पटियाला [निश्छल भटनागर]। 'अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि मैं फेमिना मिस इंडिया 2013 बन गई हूं। दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोग बधाई दे रहे हैं, लेकिन शायद इसे मैं इंज्वाय नहीं कर पा रही हूं, क्योंकि लोगों का प्यार व मुझसे लगी उम्मीद देखकर मेरे मन में नया सपना घुमड़ने लगा है। और वह सपना है अपने देश के लिए मिस व‌र्ल्ड का ताज जीतने का।' खुशी व जोश से लबरेज ये अल्फाज हैं नवनीत कौर ढिल्लों के, जिन्हें रविवार को मुंबई में पौंड्स-फेमिना मिस इंडिया 2013 के खिताब से नवाजा गया है।

पटियाला पैग, पटियाला सलवार, पटियालवी परांदे, संगीत का पटियाला घराना और पटियाला के शाही राजघराने के अलावा पटियालवी कुड़ी नवनीत कौर ढिल्लों के सिर मिस इंडिया 2013 का ताज सजने के बाद देश-दुनिया में पटियाला को एक और पहचान मिल गई है। दुनियाभर से आ रही बधाइयों के तांते के बीच मुंबई से दैनिक जागरण से फोन पर बात करते हुए पटियाला के अर्बन इस्टेट निवासी कर्नल भरपूर सिंह ढिल्लों और अकविंदर कौर की 20 वर्षीया पुत्री नवनीत कौर अपनी सफलता व अपने अंदर मौजूद आत्मविश्वास का क्रेडिट यूनिवर्सिटी के अपने हेड डा. गुरमीत सिंह मान को देती हैं।

नवनीत का कहना है कि उनमें खुद को लेकर पहले कांफिडेंस नहीं था, लेकिन डा. मान ने खासतौर पर करीब डेढ़ माह पहले रोजाना ढाई से तीन घंटे तक मेडिटेशन और कांफिडेंस डेवलप करने संबंधी ट्रेनिंग दी, जिस पर अमल करते हुए ही उन्होंने ये खिताब हासिल किया। उन्होंने कहा कि बेशक वे मिस इंडिया बन गई हैं, लेकिन वह हमेशा नार्मल लड़की रहना ही पसंद करेंगी। फिल्मों में काम करने को लेकर कहा, 'अभी कुछ नहीं सोचा है। फिलहाल बी. टेक की पढ़ाई पूरी करनी है।' नवनीत ने लड़कियों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर भी चिंता जताई।

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