जबलपुर, जेएनएन। शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति के बाद अब शिक्षकों की गैरमौजूदगी विभाग के लिए मुसीबत भरी साबित हो रही है। जबलपुर जिले में 40 तो करीब 16 हजार शिक्षक प्रदेश भर के स्कूलों से इन दिनों गायब हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा कि इतनी संख्या में शिक्षक विभाग के दस्तावेजों में दर्ज हैं। वह कहां हैं, इस बारे में सही जानकारी एकत्रित कर भेजी जाए। आंकडों पर नजर डालें तो 2018-19 में तीन लाख 20,440 शिक्षक थे। जब 2019-20 की जानकारी जिलों से आई तो रिपोर्ट में शिक्षकों की संख्या तीन लाख 4,225 रह गई है।

दोबारा शिक्षकों की गिनती कर भेजें जानकारी

लोक शिक्षण संचालनालय ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे दोबारा से शिक्षकों की गिनती कर मिलान करें। शिक्षकों की कमी से प्रदेश की रैंकिंग खराब होगी और छात्र-शिक्षक अनुपात भी बढ़ जाएगा। केंद्र से मिलने वाले अनुदान में कमी आएगी। रिपोर्ट के अनुसार सिंगरौली में सबसे ज्यादा शिक्षक लापता हैं। स्कूल नहीं आने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों से दो टूक कहा कि जो शिक्षक सालों से स्कूल नहीं आकर दूसरे कामों में व्यस्त हैं। ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल विभाग ने आंकड़ों में आ रहे अंतर को सही करने के लिए कहा है। ऐसा माना जा रहा है कि स्थानांतरण/पदस्थापना के बाद विभाग के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में भरी गई जानकारी भिन्न होने के कारण शिक्षकों की गैरमौजूदगी बड़ी संख्या में दिखाई दे रही है। फिलहाल अफसर जानकारी अपडेट करने में जुटे हैं।

डीईओ कार्यालय के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक अजय दुबे ने कहा कि जिले में 40 शिक्षकों को लेकर परेशानी आ रही है। ये शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। हालांकि यह सब ट्रांसफर के कारण हुआ है, क्योंकि पोर्टल में जल्दबाजी कर जानकारी फीड की गई है। प्रदेश में यह आंकड़ा करीब 16 हजार है। 

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