नई दिल्ली, पीटीआइ। मध्य भारत में कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव के चलते दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। इससे इस क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोआई के समय जमकर वर्षा हुई है। मौसम कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि मध्य भारत और पश्चिमी तट पर अगले पांच दिन तक सक्रिय मानसून की स्थिति रहेगी। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बुधवार से बारिश होने की संभावना है।मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने कहा, मध्य प्रदेश और गुजरात से महाराष्ट्र तक कम दबाव क्षेत्र के चलते पांच दिनों के लिए व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है। तेलंगाना, केरल, तटीय कर्नाटक और ओडिशा में भी भारी बारिश होने की संभावना है। अच्छी वर्षा के बावजूद खरीफ फसलों की बोआई धीमी गति से हो रही है। किसानों ने एक जुलाई तक 278.72 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में बोआई की है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 294.42 लाख हेक्टेयर था। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि 43.45 लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हुई है। 2021 के 59.56 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोआई की तुलना में यह 16.11 लाख हेक्टेयर कम है। 2021 में 26.23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन बोया गया था। इस साल अभी तक 28.06 लाख हेक्टेयर में दलहन की बोआई हुई है, जो पिछले साल से 1.83 लाख हेक्टेयर अधिक है।

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, देश का संचयी घाटा हुआ कम

मौसम कार्यालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ दिनों में अच्छी बारिश ने देश के लिए संचयी घाटे (cumulative deficit) को पिछले शुक्रवार को आठ प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने में मदद की है। मौसम कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश में 48 प्रतिशत, झारखंड में 42 प्रतिशत, केरल में 38 प्रतिशत, ओडिशा में 26 प्रतिशत, मिजोरम में 25 प्रतिशत, मणिपुर में 24 प्रतिशत और गुजरात 22 में प्रतिशत बारिश हुई है।

Edited By: Shashank Shekhar Mishra