आज फिर गरमाएगा संसद का मानसून सत्र, छात्रों पर लाठीचार्ज से राम मंदिर चंदे तक विपक्ष के निशाने पर सरकार
संसद के मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते के दूसरे दिन विपक्ष दिल्ली छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर ...और पढ़ें

संसद का मानसून सत्र।
HighLights
विपक्ष दिल्ली छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करेगा।
अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी का मुद्दा भी उठेगा।
सरकार विधायी कार्य और विपक्ष से निपटने की रणनीति पर केंद्रित।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरा हफ्ते का आज दूसरा दिन है। ऐसे में आज यानी मंगलवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिलने वाला है। दोनों पक्षों ने सदन के भीतर और बाहर अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे आज कार्यवाही बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है।
इसी क्रम में सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर दोनों सदनों के विपक्षी सांसद एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगना और अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान चंदे में कथित हेराफेरी के आरोपों को उठाना है।
विपक्ष के मुद्दे क्या-क्या?
बता दें कि आज के कार्यवाही के दौरान विपक्ष का मुख्य फोकस 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से तीखे जवाब मांगने पर है। इसके साथ ही, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिलने वाले दान चंदे में कथित हेराफेरी और चोरी के गंभीर आरोपों को सदन के पटल पर जोरदार तरीके से उठाने की रणनीति बनाई गई है। ऐसा लग रह है कि विपक्ष का इरादा इन मुद्दों पर सरकार को बैकफुट पर लाने का है।
अब समझिए सरकार की रणनीति कैसी?
दूसरी ओर, सरकार ने भी विपक्ष के हमलों का मुकाबला करने के लिए पुख्ता तैयारी कर ली है। सरकार हंगामे के बावजूद अपने विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने पर अडिग है। सत्र के दौरान जरूरी विधेयकों को पारित कराने और वित्तीय कार्यों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम चल रहा है।
मंगलवार मिलन बैठक का आयोजन
इसके लिए सत्ता पक्ष अपनी एकजुटता और आगे की रणनीति तय करने के लिए संसद पुस्तकालय भवन में एनडीए की साप्ताहिक 'मंगलवार मिलन' बैठक आयोजित कर रहा है। इसमें विपक्षी विरोध से निपटने और सदन में सुचारू रूप से कामकाज चलाने पर मंथन होगा। कुल मिलाकर, आज का दिन तीखी बहसों, जोरदार प्रदर्शनों और विधायी हंगामे के नाम रहने वाला है, जहां दोनों खेमे अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
