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मानसून की पहली बारिश से भीगी दिल्ली, मुंबई हुई बेहाल; यूपी में बौछार; क्या है बिहार-राजस्थान समेत अन्य राज्यों का हाल?

Published: Thu, 02 Jul 2026 04:48 PM (IST)

दिल्ली में मानसून तय समय से देरी से पहुंचा लेकिन जोरदार बारिश से गर्मी से राहत मिली है, वहीं मुंबई, ...और पढ़ें

जागरण ग्राफिक्स

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरा उत्तर भारत जिस मानसून की राह तक रहा था आखिरकार वह इंतजार गुरुवार को पूरा हो गया। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंच गया। इस बार मानसून तय समय 27 जून से पांच दिन देरी से आया है, लेकिन आते ही जोरदार बारिश की। इस बारिश ने हफ्तों से जारी उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मानसून अब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिमी भारत के बड़े हिस्सों में फैल गया है। वहीं, अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गोवा, कोंकण, दक्षिण गुजरात और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों, दिल्ली एनसीआर, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के ज्यादातर हिस्सों, गुजरात के कुछ और इलाकों और राजस्थान के कुछ हिस्सों की ओर आगे बढ़ गया।

गुरुवार को मानसून के पूरे देश में तेजी से फैलने की संभावना है। IMD के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में मॉनसून के फैलने की संभंवाना बन रही है।

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मानसून में देरी क्यों हुई?

कई हफ्तों की भीषण गर्मी, धूल भरी आंधी के बाद मॉनसून का आना दिल्ली के मौसम में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। IMD के अनुसार, 2021 के बाद यह पहली बार हुआ है है जब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में मॉनसून 13 जुलाई को आया था। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में दिन भर आमतौर पर बादल छाए रहने, मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है।

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इससे पहले मानसून कब-कब पहुंचा दिल्ली?

  • 29 जून, 2025
  • 28 जून 2024
  • 25 जून 2023
  • 30 जून 2022

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दिली एनसीआर के लिए गुरुवार को मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी है। बारिश की वजह से तापमान में काफी गिरावट आई है। बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33°C से 34.8°C के बीच दर्ज किया गया। IMD का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहेगा। उत्तर भारत में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1 जुलाई को मानसून ने पूरे हिमाचल प्रदेश को कवर कर लिया, जो सामान्य तारीख 25 जून से छह दिन देरी से हुआ।

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IMD के सीनियर साइंटिस्ट डॉ। नरेश यादव ने कहा कि मानसून उत्तर की ओर बढ़ता रहेगा और कई राज्यों में बड़े पैमाने पर बारिश करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले चार से पांच दिनों में कोंकण, गोवा और दक्षिण गुजरात में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश की उम्मीद है।

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कहीं राहत कहीं आफत बनी बारिश

मॉनसून के आने से उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में लंबे समय से चल रही हीटवेव तो खत्म हो गई है, लेकिन साथ ही पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, कोंकण, तटीय महाराष्ट्र और गोवा में पहले ही भारी बारिश की खबर है और कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि बहुत भारी बारिश की संभावना के चलते रत्नागिरी में रेड अलर्ट है।

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IMD अधिकारियों ने कहा कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समेत अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में बाढ़ की संभावना के बारे में अलर्ट कर दिया गया है। मौसम का बदलता पैटर्न दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मज़बूत होने का संकेत है, जो अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से बड़ी मात्रा में नमी भारतीय मुख्य भूमि की ओर खींच रहा है।

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मुंबई में बारिश से बुरा हाल

एक ओर जहां दिल्ली ने दिल खोलकर मॉनसून का स्वागत किया, वहीं पश्चिमी और दक्षिणी भारत इसके सबसे तेज दौर का सामना कर रहे हैं; IMD ने अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, गोवा, कोंकण और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

IMD के अनुसार, अरब सागर से मॉनसूनी और चक्रवाती हवाओं के चलते दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैले एक ऑफशोर ट्रफ के मेल से भारत के पश्चिमी तट पर बड़े पैमाने पर बारिश हो रही है।

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। एक बार जब यह बन जाएगा, तो इस सिस्टम के जमीन की ओर बढ़ने से पहले पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधि और तेज होने की उम्मीद है।

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कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

मुंबई में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। कई मौसम केंद्रों ने भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की है। IMD के वैज्ञानिक बिक्रम सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में शहर में और भारी बारिश होने की संभावना है, इसलिए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है, सड़क यातायात बाधित हो सकता है और ट्रेन सेवाएं धीमी हो सकती हैं।

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पड़ोसी रत्नागिरी में बहुत भारी बारिश की संभावना के कारण रेड अलर्ट जारी है, जबकि ठाणे, पालघर और मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर बाढ़ आई है। रात भर हुई भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और कई जगहों पर सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पालघर जिले में खराब मौसम को देखते हुए अधिकारियों द्वारा छुट्टी घोषित किए जाने के बाद स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए।

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हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 1 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में अपनी दस्तक दी। IMD ने आने वाले हफ्ते में पहाड़ी राज्य में भरी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पड़ने की भी उम्मीद है, जिससे हिमाचल प्रदेश में बारिश की बढ़ सकती है। मौसम का राज्य पर पहले ही बुरा असर पड़ा है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, 1 मार्च से 30 जून के बीच मौसम से जुड़ी घटनाओं में 128 लोगों की जान चली गई और लगभग 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में दर्जनों सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें मंडी जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित है। पड़ोसी उत्तराखंड में भी मानसून का सक्रिय दौर शुरू हो गया है।

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IMD ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे अधिकारियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय करने और चार धाम यात्रा मार्गों पर निगरानी तेज करने के लिए प्रेरित किया गया है। जिला प्रशासन ने राजमार्गों, तीर्थयात्रा मार्गों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है क्योंकि अगले कुछ दिनों में बारिश तेज होने की उम्मीद है।

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कर्नाटक और पूर्वोत्तर में मानसून का असर जारी

मानसून का असर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत पर जारी है। कर्नाटक के मंगलुरु में रात भर हुई लगातार बारिश के बाद भूस्खलन की चपेट में आकर एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। अरुणाचल प्रदेश में, पिछले हफ्ते अचानक आई बाढ़ और जमीन खिसकने से हुई भारी तबाही के बाद अधिकारी राहत और पुनर्वास का काम जारी रखे हुए हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चार लोगों की मौत हो गई है, 21 लोग घायल हुए हैं और दो लोग अभी भी लापता हैं। केंद्र सरकार ने राज्य को राहत कार्यों और बाढ़ से निपटने के लिए लंबे समय तक चलने वाले उपायों में मदद का भरोसा दिलाया है।

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मानसून के इतने सक्रिय होने की वजह क्या है?

मौसम विभाग का कहना है कि इस समय हो रही भीषण बारिश की वजह एक साथ काम कर रहा वेदर सिस्टम है। पंजाब के ऊपर हवा के ऊपरी स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि एक और परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर एक्टिव है। गुजरात के ऊपर बना एक अलग परिसंचरण अरब सागर से नमी लाकर मानसून को मजबूत कर रहा है।

वहीं, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैला ऑफस्योर ट्रफ पश्चिमी तट पर भारी बारिश कर रहा है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में पूर्वी, मध्य और उत्तरी भारत में बारिश और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, इन प्रणालियों के चलते जुलाई के पहले हफ्ते तक देश के बड़े हिस्सों में मानसून की गतिविधि ज़ोरदार बनी रहने की उम्मीद है।

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