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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत महाशक्ति की दौ़ड़ में नहीं,बनेगा विश्वगुरु: मोहन भागवत

By Kishor JoshiEdited By:
Published: Mon, 03 Apr 2017 08:06 AM (IST)Updated: Mon, 03 Apr 2017 08:47 AM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि भारत सांस्कृतिक मूल्यों, सेवाभाव, योग और नैतिक शिक्षा के बल पर विश्वगुरु बनेगा।

भारत महाशक्ति की दौ़ड़ में नहीं,बनेगा विश्वगुरु: मोहन भागवत
भारत महाशक्ति की दौ़ड़ में नहीं,बनेगा विश्वगुरु: मोहन भागवत

जबलपुर (जेएनएन)। हथियारों और पैसे के बल पर अमेरिका महाशक्ति बन चुका है। चीन महाशक्ति की दौड़ में है लेकिन भारत सांस्कृतिक मूल्यों, सेवाभाव, योग और नैतिक शिक्षा के बल पर विश्वगुरु बनेगा। यह बात राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने जबलपुर के समीप चरगवां स्थित देवजी नेत्रालय के लोकार्पण के अवसर पर कही।

उन्होंने कहा कि छुआछूत से हमने अपनों को दूर कर लिया है। इसी आधार पर अंग्रेजों ने हमें बांटकर सैक़़डों साल शासन किया। हमें सभी को अपनाकर पी़ड़ितों की सेवा करना है जिससे हम सभी को अपने साथ जो़ड़ सकें। आज संघ के 1 लाख 70 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक अपने सेवा प्रकल्प चला रहे हैं, जिसमें करो़ड़ों लोगों की सेवा की जा रही है।

संयम बरतें स्वयंसेवक, इतिहास न भूलें

मानस भवन में पूर्व संघ प्रचारक स्व. मोरूभाऊ मुंजे जन्मशताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सरसंघ चालक ने कहा आरएसएस 90 साल की तपस्या से ख़़डा हुआ संगठन है। अब जाकर समय अनुकूल हुआ है, इसलिए ग्लैमर है। इस दौरान स्वयंसेवक संयम बरतें क्योंकि कभी समय प्रतिकूल हुआ तो हमें खुद ही खडा होना होगा। संघ में सिर्फ समर्पण की योग्यता होना जरूरी है। उन्होंने मोरभाऊ मुंजे पर उनके पुत्र दीपक मुंजे की लिखी किताब गृहस्थ प्रचारक का विमोचन भी किया।

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