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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मतदान के दिन संदेश देकर फिर फंसे मोदी

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Published: Mon, 12 May 2014 04:56 PM (IST)Updated: Tue, 13 May 2014 07:31 AM (IST)

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में मतदान के दिन भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में मतदान के दिन भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इसे चुनाव कानून का उल्लंघन करार देते हुए चुनाव आयोग से मोदी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस वीडियो संदेश में तीर्थ नगरी की गंगा जमुनी तहजीब की चर्चा की गई है तथा वोटरों से अपील की गई कि वे अपने वोटों के जरिये एकता एवं भाईचारे की भावना प्रदर्शित करें।

कांग्रेस सचिव और विधि विभाग के प्रमुख केसी मित्तल ने मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत और अन्य को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वीडियो संदेश के जरिये मतदान के दिन वोट मांगकर मोदी ने जनप्रतिनिधित्व कानून व आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उनका कहना है कि मोदी के साथ भाजपा पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। बता दें कि अंतिम चरण में वाराणसी सहित 41 सीटों पर सोमवार को मतदान हुआ। वाराणसी में मोदी स्वयं एक उम्मीदवार हैं। मित्तल का कहना है कि मोदी के वीडियो संदेश को पूरे वाराणसी में दिखाया गया। इसमें उन्होंने पार्टी के साथ अपने लिए लोगों से वोट मांगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत है। ऐसे में इसके माध्यम से वाराणसी के लोगों को संबोधित करना कानून का उल्लंघन है। यहां चुनाव प्रचार पर 10 मई को शाम 6:00 बजे से ही रोक है। उप चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले पर जांच चल रही है।

पहले भी विवाद

07 अप्रैल: पहले चरण में मतदान के दिन मोदी ने भाजपा का घोषणापत्र जारी किया था। इस का अन्य पार्टियों ने कड़ा विरोध किया था और इस मुद्दे की चुनाव आयोग ने भी समीक्षा की थी।

24 अप्रैल: छठे चरण में जब 117 सीटों के लिए मतदान हो रहा था, वाराणसी में मोदी अपना नामांकन दाखिल कर रहे थे। इस दौरान विशाल रोड शो किया, जिसका कई टीवी चैनलों ने सीधा प्रसारण किया था।

30 अप्रैल: सातवें चरण में मतदान के दिन मोदी ने वोट डालने के बाद कमल का निशान प्रदर्शित किया था और संवाददाता सम्मेलन किया। चुनाव आयोग के निर्देश पर भी इस मामले में केस भी दर्ज हो चुका है।

मतदान में भी झलके गंगा-जमुनी तहजीब: नमो

वाराणसी से चुनाव लड़ रहे भाजपा के प्रधानमंत्री प्रत्याशी ने अपने वीडियो संदेश के जरिये 'मां गंगा' का आशीर्वाद मांगा और कहा कि इस पवित्र नगरी की समृद्ध परंपरा को बरकरार रखना लक्ष्य होना चाहिए। मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे चुनाव के अंतिम चरण में उसी उत्साह एवं भावना के साथ मतदान करें, जो अभी तक उन्होंने दिखाई है। काशी के मेरे भाई, बहनों काशी का सम्मान शांति, भाईचारा एवं एकता में है। इसी को हम गंगा जमुनी तहजीब कहते हैं। यह बात मतदान में भी झलकनी चाहिए। हम सब एक हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस संदेश में चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसे अंतिम चरण के मतदान में बड़ी संख्या में केंद्रीय अद्धसैनिक बलों को तैनात करना चाहिए था। इस संदेश के यूट्यूब लिंक को उनके ट्विटर एकाउंट के जरिये आनलाइन पोस्ट किया गया। मोदी ने संदेश में कहा, आज बहुत कम सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग बहुत अच्छी तरह जानता है कि इस चरण में बहुत कम सीटों पर चुनाव हो रहा है। वह कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंतित है। लेकिन स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए महज चिंता करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, मतदान केवल 41 सीटों पर हो रहा है। केवल राज्य पुलिस पर निर्भर रहने के बजाय चुनाव आयोग को बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करना चाहिए ताकि स्वस्थ एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों को भारतीय लोकतंत्र की सफलता का विश्लेषण करना चाहिए। मोदी ने कहा कि प्रचार अभियान के दौरान नकारात्मक प्रचार की आंधी के बावजूद लोगों ने गलत और सही के बीच अंतर को समझा और इस तरह अपनी बुद्धिमत्ता दिखाई।

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'आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मोदी के वीडियो संदेश को चैनल कैसे दिखा सकते हैं। चुनाव आयोग को तत्काल इसका संज्ञान लेना चाहिए।' -अजय माकन, कांग्रेस नेता

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