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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mocha Cyclone: मोका 1982 के बाद तीसरा सबसे शक्तिशाली तूफान, हवा की रफ्तार 260 KM के पार

By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
Published: Mon, 15 May 2023 05:00 AM (IST)

Mocha Cyclone इस समुद्री तूफान के प्रभाव से दोनों देशों के तटवर्ती इलाकों में तेज बारिश हो रही है और ...और पढ़ें

Mocha Cyclone: मोका 1982 के बाद तीसरा सबसे शक्तिशाली तूफान, हवा की रफ्तार 260 KM के पार
Mocha Cyclone: मोका 1982 के बाद तीसरा सबसे शक्तिशाली तूफान, हवा की रफ्तार 260 KM के पार

नई दिल्ली, एजेंसी। मोका चक्रवात 13 मई को बंगाल की खाड़ी से टकरा चुका है। मौसम विज्ञानियों और जलवायु वैज्ञानिकों ने कहा कि यह साल 1982 के बाद मई के महीने में बंगाल की खाड़ी से टकराने वाला सबसे तेज गति का चक्रवात है। इसकी तीव्रता 260 किमी प्रति घंटे थी, जिसकी वजह से बांग्लादेश और म्यांमार के तटों पर भारी नुकसान हुआ। इससे पहले साल 1997 में बंगाल की खाड़ी से एक चक्रवात 212 किलोमीटर की रफ्तार से टकराया था। वहीं साल 2020 में अम्फान चक्रवात 265 किलोमीटर की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी से टकराया था।

इस चक्रवात में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की सूचना मिली थी, क्योंकि चक्रवात ने बांग्लादेश में दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर को पार करने के लिए तैयार किए गए रास्ते पर लैंडफॉल बना दिया था, जो लगभग एक लाख रोहिंग्याओं का घर था, जो सालों पहले पड़ोसी म्यांमार से भाग गए थे। व्यापक विनाश की आशंका पर सुरक्षा की टीमों ने बांग्लादेश और म्यांमार से सैकड़ों हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला।

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने कहा कि वर्ष 2008 में चक्रवात नरगिस की तीव्रता 215 किमी प्रति घंटे की थी। यह म्यांमार से टकराने वाली सबसे खराब मौसम संबंधी आपदा थी। चक्रवात मोका ने अब वैश्विक एजेंसियों के अनुसार 260 किमी प्रति घंटे की अधिकतम हवा की गति प्राप्त कर ली है, जो सुपर साइक्लोन श्रेणी के अंतर्गत आता है।

ज्वाइंट टायफून वार्निंग सेंटर (JTWC) और नेशनल ओशनिक एंड मेसोस्केल मौसम विज्ञान शाखा (RAMMB) के अनुसार, मोका चक्रवात की तीव्रता लगभग 260 किमी प्रति घंटा थी। शोधकर्ता विनीत कुमार सिंह ने कहा कि चक्रवात मोका अब उत्तर हिंद महासागर (सभी मौसमों, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित) में रिकॉर्ड किया गया अब तक का सबसे शक्तिशाली चक्रवात है, जो उपग्रह युग (1982 से) में फानी की ताकत के बराबर है।

जेटीडब्ल्यूसी के अनुसार, चक्रवात फानी, जिसने 2019 में ओडिशा में लैंडफॉल बनाया था और मोका ने रविवार को 277.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा की गति दर्ज की, इसके बाद 2007 में अरब सागर के ऊपर गोनू और 2020 में बंगाल की खाड़ी के ऊपर अम्फान की अधिकतम तीव्रता 268.54 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। RAMMB के अनुसार, मोका की चरम तीव्रता लगभग 260 किमी प्रति घंटा थी, जो समुद्री तूफानों पर भी नज़र रखता है।

भारत के मौसम कार्यालय ने कहा कि इसके लैंडफॉल करने से पहले चक्रवात मोका की चरम तीव्रता लगभग 240 किमी प्रति घंटा थी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1999 के सुपर साइक्लोन (259.28 किमी प्रति घंटे) की तुलना में यह उत्तर हिंद महासागर को बनाने वाले सबसे मजबूत चक्रवातों में से एक है, जो ओडिशा तट से टकराया था और चक्रवात अम्फान, क्यार और गोनू जितना मजबूत था। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि मोका मानवीय संकट का कारण बनेगा।