विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'रील्स बनाने के लिए मारा छापा', केएन नेहरू से जुड़े ठिकानों पर तलाशी को लेकर स्टालिन ने उठाए सवाल

Published: Thu, 29 Oct 2026 12:20 PM (IST)

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने के.एन. नेहरू से जुड़े ठिकानों पर हुई विजिलेंस रेड को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

एमके स्टालिन ने सी जोसेफ विजय पर कसा तंज। (फाइल फोटो।)

एमके स्टालिन ने सी जोसेफ विजय पर कसा तंज। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. स्टालिन ने केएन नेहरू रेड को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

  2. छापेमारी को तिरुचिरापल्ली उपचुनाव से जोड़ा, 'रील्स' का आरोप।

  3. डीएमके नेता बोले, टीवीके सरकार बदले की राजनीति कर रही।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि तिरुचिरापल्ली ईस्ट उपचुनाव से पहले सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार विजिलेंस रेड का इस्तेमाल एक राजनीतिक तमाशे के तौर पर कर रही है।

स्टालिन ने यह भी कहा कि इन छापों से डीएमके कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने गुरुवार को तमिलनाडु में 25 जगहों पर छापेमारी की। ये जगहें पूर्व मंत्री और डीएमके नेता के.एन. नेहरू से जुड़ी हैं। यह कार्रवाई नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग में भर्तियों से जुड़े 634 करोड़ रुपये के कथित नौकरी के बदले पैसे घोटाले के सिलसिले में की गई है।

'रोड शो करें कि रेड शो'

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम प्रमुख स्टालिन ने एक्स पर एक पोस्ट में इस कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

स्टालिन ने कहा, "मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु को एक ऐसा राज्य बना दिया है जहां महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अब सुरक्षित नहीं हैं। अब वे सोच रहे हैं कि लोगों का ध्यान भटकाने और मीडिया की ब्रेकिंग न्यूज के लिए रोडशो करें या रेडशो करें।"

'पूर्व मंत्रियों को चुन-चुनकर बनाया जा रहा निशाना'

डीएमके प्रमुख ने सत्ताधारी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह पूर्व मंत्रियों को चुन-चुनकर निशाना बना रही है, जबकि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है।

उन्होंने कहा, "टीवीके एक तरह की वॉशिंग मशीन बन गई है। भ्रष्ट लोगों को अपने पाले में लाकर उन्हें सौदेबाजी का मोहरा बना रही है। यह पार्टी केवल डीएमके सरकार के पूर्व मंत्रियों को निशाना बनाकर बदले की राजनीति कर रही है। हमेशा की तरह यह कोशिश कानून के सामने फेल हो जाएगी और जनता के सामने इसे शर्मिंदा होना पड़ेगा!"

'रील्स बनाने के लिए की गई छापेमारी'

इन छापों को आगामी उपचुनाव से जोड़ते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करना और विजय को राजनीतिक मुद्दे देना था। उन्होंने कहा, "तिरुचिरापल्ली ईस्ट उपचुनाव के लिए रील्स बनाने और मुख्यमंत्री को मंच पर पंच डायलॉग की आड़ में चिल्लाने का मौका देने के लिए की गई ये छापेमारी डीएमके के सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ता के पैर के नाखून को भी नहीं हिला सकती!"

मद्रास हाई कोर्ट द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उठाई गई कथित अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए जाने के बाद नेहरू और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद डीवीएसी ने ये छापे मारे हैं।

ये आरोप नेहरू के मंत्री रहते हुए सरकारी पदों के बदले उम्मीदवारों से रिश्वत लेने से जुड़े हैं। एजेंसी संदिग्ध पैसों के लेन-देन का पता लगाने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सबूत जुटाने के लिए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। नेहरू ने मद्रास हाई कोर्ट के 26 अक्टूबर के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें एफआईआर दर्ज किए जाने के खिलाफ उनकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के पूर्व मंत्री केएन नेहरू के कई ठिकानों पर छापामारी, 634 करोड़ के घोटाले में एक्शन