मिडिल ईस्ट तनाव: पीएम मोदी ने की 'दोस्त' मैक्रों से फोन पर बात, होर्मुज मुद्दे पर भारत-फ्रांस एक साथ
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात ...और पढ़ें
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पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों की बात (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जल्द से जल्द सुरक्षा और आवाजाही की आजादी बहाल करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उनकी अपने 'मित्र' इमैनुएल मैक्रों से बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात पर विस्तार से चर्चा की।
Prime Minister Narendra Modi tweets, "Received a phone call from my dear friend President Emmanuel Macron. We discussed the situation in West Asia and agreed on the need to urgently restore safety and freedom of navigation in the Strait of Hormuz. We will continue our close… pic.twitter.com/lATmn8omb4
— ANI (@ANI) April 16, 2026
उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट को देखते हुए होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।
क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर जोर
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे भी सहयोग करते रहेंगे। दोनों देशों ने तनाव कम करने और हालात को सामान्य बनाने की जरूरत पर बल दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया के कई देश चिंतित हैं। ऐसे में भारत और फ्रांस की यह बातचीत कूटनीतिक स्तर पर अहम मानी जा रही है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है, जिस पर कई देशों की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है।
अगर इस रास्ते में किसी तरह की रुकावट आती है, तो इसका असर सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार, माल ढुलाई और बीमा लागत पर पड़ सकता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षित आवाजाही की मांग लगातार उठ रही है।
