'शांत रहिए और बैठ जाइए', मॉक पार्लियामेंट में दिखा मीरा कुमार का पुराना अंदाज
इंडी गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' में मीरा कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका निभाई, जहां उन्होंने अपने पुराने अंदाज में कार्यवाही का संचालन किया।

देश की पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष रहीं मीरा कुमार।
HighLights
इंडी गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' में मीरा कुमार अध्यक्ष बनीं।
उन्होंने लोकतंत्र और मतदान प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया।
मीरा कुमार ने सांसदों को समय सीमा का पालन करने को कहा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का पुराना अंदाज, वही नपा-तुला लहजा और चेहरे पर हल्की सी मुस्कान के साथ सख्त तेवर... देश की पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष रहीं मीरा कुमार एक बार फिर पुरानी भूमिका में नजर आईं।
मौका था शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी आवास के लॉन में आयोजित इंडी गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' का, जहां उन्हें 'संसद की चेयर' पर बैठाया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया।
जब माइक खराब होने से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी दिलचस्प और अजीब रही। जब मीरा कुमार अध्यक्ष के रूप में बोलने के लिए उठीं, तो माइक्रोफोन काम नहीं कर रहा था। यह वही समस्या है, जिसे लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी अक्सर मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर निशाना साधते रहते हैं। हालांकि, तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक कर लिया गया।
लोकतंत्र की आत्मा और 'Gen Z' का जिक्र
माइक ठीक होने के बाद मीरा कुमार ने अपने जाने-पहचाने, ठहरे हुए अंदाज में हिंदी में बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि वोटर चुनाव प्रक्रिया के दिल में है, जो लोकतंत्र का सार है। वोटर ही लोकतंत्र की आत्मा है। अगर एक भी व्यक्ति को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाए, तो हमारे लोकतंत्र की आत्मा घायल हो जाती है।
उन्होंने युवा पीढ़ी Gen Z और Gen Alpha का भी जिक्र किया। मीरा कुमार ने अंग्रेजी में कहा कि लेकिन अगर हमारी मतदान प्रणाली ही खराब है, तो हम उन्हें एक सुनहरे कल का वादा कैसे कर सकते हैं? उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की तुलना एक बरगद के पेड़ से करते हुए कहा कि उस पेड़ पर ही कुल्हाड़ी चलाई जा रही है, जिसने हम सबको छांव दी है।
'सर पर कफन बांध कर करना है...'
अपने भाषण के दौरान मीरा कुमार ने एक बेहद कड़ा और भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमें इसके खिलाफ कुछ करना ही होगा, चाहे कुछ भी हो जाए। हमें सिर पर कफन बांध कर यह करना है। उनके इस कड़े तेवर के बाद माहौल पूरी तरह गंभीर हो गया।
वही पुराने अंदाज- जल्दी खत्म कीजिए और बैठ जाइए
इतना ही नहीं मीरा कुमार का अध्यक्ष वाला पुराना अंदाज शनिवार को पूरी तरह से जीवंत हो उठा। जब शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत ने अपना भाषण समय पर खत्म किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आपका धन्यवाद, बहुत धन्यवाद, इसलिए भी कि आपने समय पर समाप्त किया।
इसके अलावा जब कांग्रेस छात्र संघ (NSUI) की नेता रितु बरला तय समय से ज्यादा बोलने लगीं और एक शेर सुनाने की जिद करने लगीं, तो मीरा कुमार ने अपना बायां हाथ उठाकर सख्ती से कहा कि आप बैठ जाइए, कृपया कर के बैठ जाइए। प्लीज, प्लीज, प्लीज।
महुआ मोइत्रा को भी टोका
इतना ही नहीं जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा समय सीमा पार कर गईं, तो मीरा कुमार ने चार बार दोहराया कि कृपया समाप्त करें। बाद में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आपने अपना समय तो लिया ही, दूसरों का समय भी ले लिया।
2010 की यादें और मुस्कान
इसके साथ ही कार्यक्रम के अंत में मीरा कुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि मुझे हैरानी है... मैंने पांच साल तक स्पीकर के रूप में काम किया, लेकिन मैंने कभी ऐसी सभा नहीं देखी जहां असहमति की एक भी आवाज न उठी हो। यह कहते हुए उनके चेहरे पर वही पुरानी और प्रसिद्ध मुस्कान तैर गई, जिसके लिए वे अपने कार्यकाल के दौरान जानी जाती थीं।
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