यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तंगदिनों में सामने आए जिंदादिल, बैंक में जमा कराए लाखों के छोटे नोट
एक तरफ जहां लोग बड़े नोट बंद होने के बाद परेशानी से जूझ रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी ...और पढ़ें

लखनऊ (जेएनएन)। एक तरफ सौ, पचास, बीस और दस के नोट के बाजार से लगभग गायब होने ने आम आदमी को सांसत में डाल रखा है तो दूसरी तरफ ऐसे भी जिंदादिल लोग हैं जो इस अव्यवस्था के तंगदिनों में बैंकों के जरिये लोगों की मदद के लिए आगे आकर जोड़े गए फुटकर रुपये देकर सरकार की मंशा पर मुहर लगा रहे हैं।
गोरखपुर के राकेश शाही ने बैंक को 10 लाख रुपये के फुटकर नोट दिए
गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज के व्यवसायी राकेश शाही ने पूर्वांचल ग्रामीण बैंक की शाखा में पहुंचकर प्रबंधक को 100, 50, 20 व 10 के नोट के रूप मे 10 लाख रुपये दिये। उन्होंने कहा कि यह पैसा उनके खाते में जमा करने के बाद बैंक इसे उपभोक्ताओं में वितरित कर दे।
महेश प्रसाद ने जमा कराए 1 लाख 15 हजार रुपये
इसी तरह सिद्धार्थनगर के स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी महेश प्रसाद द्विवेदी ने 100 व 10 के 115000 रुपये जमा कराये। इसी बैंक में मिट्टी तेल के डीलर भूपेन्द्र सिंह ने 100 रुपये के 90 हजार रुपये जमा किये। महेश द्विवेदी और भूपेन्द्र सिंह के अनुसार जागरण की खबर से प्रभावित होकर उन्होंने फुटकर पैसा जमा किया।
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बागपत के बड़ौत में राज मेडिकल स्टोर खत्री गढ़ी के संचालक राजपाल सिंह के पुत्र अर¨वद खोखर व अजेंद्र खोखर ने 2.55 लाख रुपये की फुटकर रकम पंजाब नेशनल बैंक में जमा की है।
इसी तरह बिजनौर में भारतीय स्टेट बैंक में दस-दस रुपये क 1600 नोट जमा कराये तो नजदीकी ग्राम तिमरपुर की ग्राम प्रधान संजू ने 3700 रुपये के 100-100 के नोट बिजनौर अरबन कोआपरेटिव बैंक में जमा करा दिये। दो दिन पहले भी एक व्यक्ति ने एक लाख 14 हजार रुपये कीमत के छोटे नोट एचडीएफसी बैंक में जमा कराए थे।
शाकिर का सहारा बने मुनेश
बिजनौर : ग्राम रावली निवासी शाकिर अहमद बताते हैं कि नोट बंदी की घोषणा के समय उनके पास 500-500 के पांच नोट थे। बच्चों की गुल्लक फोड़ी तो 140 रुपये निकले। दो दिन तो काम चल गया। तीसरे दिन काजीवाला स्थित बैंक पहुंचे, लेकिन नकदी नहीं मिली। घर के लिए कुछ राशन लेना था तो गांव के ही मुनेश कुमार ने 800 रुपये के छोटे नोट दिए।
ग्राम शाहपुर भसोड़ी के सुनील कुमार के पास 1500 रुपये के खुले नोट थे। एक दिन गांव के ही श्याम ¨सह ने घर खर्च के लिए छोटे नोट नहीं होने की बात कही। इस पर सुनील कुमार ने एक हजार रुपये देकर मदद की। कृषि विभाग में कामदार के पद पर तैनात सतवीर ¨सह की बेटी की गोद भराई की रस्म थी। बड़े नोट बंद होने से उनकी तैयारियां धरी रह गईं। इस पर उनके विभाग के लिपिक विपिन कुमार ने उनकी मदद की।
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एक और व्यापारी ने जमा कराए 17 लाख के छोटे नोट
बाराबंकी : बाराबंकी के भी एक व्यापारी ने 17 लाख 30 हजार रुपये के छोटे नोट बैंक में जमा करवाकर मिसाल कायम की है। जमा कराए गए नोटों में 100 रुपये के अलावा 50 रुपये, 20 रुपये व 10 रुपये के नोट शामिल हैं। यह रकम रामनगर व्यापार मंडल अध्यक्ष रविकांत पांडे ने अपनी फर्म रामनगर ट्रेडर्स के खाते में भारतीय स्टेट बैंक की रामनगर शाखा में जमा कराए हैं। रामनगर स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक आरएम रस्तोगी ने बताया कि इस रकम से बैंक को काफी राहत मिलेगी तथा करेंसी की कमी दूर हो सकेगी।
